भारतीय चुनाव आयोग के फरवरी का तर्क देकर जम्मू संभाग की नगरोटा विधानसभा और कश्मीर के बडगाम में उप विधानसभा चुनाव टालने से लग रहा है कि यह मार्च-अप्रैल तक लटक सकते हैं। सर्दियों के मौसम के चलते खासतौर पर कश्मीर में अभी फरवरी तक बर्फबारी की आशंका है, जिसके बाद ही चुनाव की तैयारी की जा सकती है।
दो माह से अधिक समय से उमर सरकार का कार्यकाल पूरा होने के साथ प्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्रों में दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ उपचुनाव करवाने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन भारतीय चुनाव आयोग ने मौसम का तर्क देकर अभी उपचुनाव नहीं करवाने की बात कही है। नगरोटा विधानसभा सीट पर भाजपा के दिवंगत देवेंद्र सिंह राणा लगातार दो बार विधायक रहे थे।
लेकिन उनके निधन के बाद यह सीट खाली चल रही है। इसी तरह बडगाम और गांदरबल विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चुनाव लड़ा था, जिसमें दोनों में ही जीत मिलने पर बाद में उन्होंने बडगाम की सीट को छोड़ दिया था। बडगाम सीट भी नेकां का गड़़ मानी जा रही है। लेकिन उपचुनाव के दौरान कैसे सियासी समीकरण रहेंगे यह तब ही स्पष्ट होगा।
नगरोटा सीट पर दिवंगत राणा की बेटी दिव्यानी राणा के भी लड़ने की चर्चा है। भाजपा ने गत दिवस दिव्यानी को भाजयुमो का उपाध्यक्ष मनोनीत किया है। वह पिछले कुछ समय से नगरोटा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के सदस्यता अभियान के लिए प्रचार कर रही हैं। यह सीट भाजपा के खाते में थी, लेकिन इससे पहले राणा के नेकां में रहने से यह नेकां का गड़ रहा था।