विवादित बयानों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहने वाली साध्वी प्राची के मुस्लिम मुक्त भारत वाले बयान पर गुरुवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। जिसके चलते भाजपा-पीडीपी की गठबंधन सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है।
गुरुवार को इस मामले को निर्दलीय विधायक इंजीनियर राशिद ने प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में उठाया। साध्वी द्वारा दिए गए मुस्लिम मुक्त भारत वाले बयान को सराकार से समझाने के लिए कहा। राशिद ने कहा कि, 'क्या ‘देश बदल रहा है’ का मतलब यही है?'। राशिद के इस विरोध का समर्थन कांग्रेस के सदस्यों ने भी किया।
सदन में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी दलों की ओर से साध्वी प्राची के बयान पर निंदा प्रस्ताव लाने की मांग को लेकर हंगामा हुआ। उसके बाद मुख्य विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस मिलकर सदन में सुश्री प्राची के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग करने लगे।
कांग्रेस विधायक जीएम सरूरी ने कहा, 'ये मुस्लिम मुक्त भारत क्या है? क्या वे गुजरात :2002 दंगा: दोहराना चाहते हैं?' जम्मू-कश्मीर के उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने आज विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की नेता साध्वी प्राची के ‘मुस्लिम मुक्त भारत’ संबंधी बयान को गलत करार देते हुए कहा कि भारत धर्मनिरपेक्ष है तथा यहां सभी धर्मों के लोगों को रहने का अधिकार है।
गौरतलब है कि मंगलवार को साध्वी प्राची ने रुड़की में कहा थाकि , 'अब जबकि हमने 'कांग्रेस मुक्त' भारत बनाने का मिशन पूरा कर लिया है, अब भारत को मुस्लिम मुक्त बनाने का समय आ गया है। हम उस पर काम कर रहे हैं।'