विधान सभा सत्र के चौथे दिन विपक्ष में बैठे नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सदन में लगातार तीन दिनों से विपक्ष द्वारा कई मुद्दों को लेकर हंगामा चल रहा है।
विपक्षी पार्टियों द्वारा लगातार किए जा रहे हंगामे के बाद विधान परिषद अध्यक्ष नेकां के चार विधायकों को निलंबित कर चुके हैं। जिसके विरोध में नेकां के कार्यकारी प्रमुख उमर अब्दुल्ला बुधवार को विधानसभा के सामने धरने पर बैठ गए। स्थिति बिगड़ते देख स्पीकर ने नेकां के चारों विधायकों के निलंबन को वापस ले लिया है।
आपको बताते चले कि मंगलवार को कार्यवाही के दौरान परिषद के चेयरमैन द्वारा नेकां के दो एमएलसी को निलंबित कर दिया था। मंगलवार को परिषद के चेयरमैन हाजी इनायतल्ला ने जैसे ही अपनी कुर्सी संभाली, तो नेकां एमएलसी कैसर जमशेद लोन ने ‘सेव आर्टिकल 35ए’ का नारा लगाया और उसको लेकर परिषद में बहस की मांग करने लगे।
स दौरान नेकां के एमएलसी अली मोहम्मद डार और शौकत अहमद गनेई द्वारा टेबल पर चढ़कर हल्ला किया गया। बार-बार चेयरमैन के अनुरोध करने पर जब वह नहीं माने, तो चेयरमैन द्वारा उन्हें इस सत्र से निलंबित किया गया। इसके अलावा हंगामा कर रहे बाकी नेकां और कांग्रेस के एमएलसी को मार्शल-आउट किया गया।