अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 43 गांवों के लोगों के लिए सरकार ने आरक्षण जारी कर दिया है। अब इन गांवों के युवाओं को सरकारी नौकरी और उच्च शिक्षा पाने में आसानी होगी। अब इन सीमावर्ती इलाकों में बसे लोगों को दस्तावेज संबंधी परेशानी भी हल हो जाएगी। आरक्षण के लिए प्रदेश सरकार तमाम कार्रवाई पूरी करवाएगी और दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। सीमा से सटे गांवों के बच्चों को प्रोफेशन एजूकेशन हासिल करने में सुविधा मिलेगी।
यूनिवर्सिटी और कालेजों में पढ़ाई के लिए आरक्षण मिलेगा। पहले आरक्षण न होने के कारण दाखिल लेने में परेशानी आती थी। इनको तीन फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। अब सामाजिक कल्याण विभाग आरक्षण के लिए सूचियां तैयार करेगा। साथ ही आरक्षण प्रमाणपत्र भी जारी करेगा। आईबी से सटे 43 गांवों के लोगों को सुविधा दी गई है। इसमें 21 गांव जम्मू, 17 गांव कठुआ और पांच गांव सांबा के शामिल किए गए हैं।
जम्मू में गांव अखनूर, बंदराल, कलां, मांडा, रख ढोक, आरएस पुरा, गंदगली, रठाना, चक नानक, रंगपुर, सदरे, जसोर, खेपर, चक, बाजा, टिबा बैस, बोकरी, टिल्ले, अराजी, बडियाल, मोखे, सिदड़, बडियाल काजियां, सिगा टेडा और चुबिया भवन को शामिल किया गया है। इसी तरह सांबा में विजयपुर तहसील के त्रिंडी जमोड़ा, त्रिंडी सांगरा और घगवाल तहसील के मलानी व कलवाल गांव लिए गए हैं। कठुआ जिले से हीरानगर के माथ्रयां चक, छन्न चरखड़ी, चक बथौल, हेरे, रघुनाथपुर, गदियाल, सनयाल, जल्लो चक, रठान चक, मुरली चक और मढ़ीन तहसील को शामिल किया गया है।
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आईबी से सटे गांवों को आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। लोग सरकारी और पढ़ाई के क्षेत्र में आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे। इस बारे में आदेश जारी कर दिए गए है।
- समिता सेठी, निदेशक, सामाजिक कल्याण विभाग