राज्यसभा के विपक्षी नेता और जम्मू कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने वीरवार को बीफ प्रतिबंध लागू करने के लिए अदालत के आदेश को एक संवेदनशील मामला करार दिया। उन्होंने इस मुद्दे पर लोगों से शांति और सहनशीलता की अपील की।
श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में गोमांस की बिक्री और सख्ती से गोजातीय वध और मांस की बिक्री पर लगे प्रतिबंध को लागू करने के लिए अदालत के इस आदेश को एक संवेदनशील मुद्दा है बताया और कहा कि हमें भावनात्मक रूप से इस मुद्दे पर प्रतिक्त्रिस्या नहीं देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्त्रसेध में अदालत के आदेश पर प्रतिक्त्रिस्या व्यक्त करने से पहले हमें जवाहर सुरंग (जम्मू प्रांत) और भारत के अन्य भागों में इसके दूसरे पक्ष पर उसके परिणामों को देखना चाहिए।
आजाद ने कहा कि आमतौर पर जल्दबाजी में निर्णय लिया जाना और उन मुद्दों पर भावनात्मक रूप से प्रतिक्त्रिस्या देना अच्छा नहीं है। इसलिए उन्होंने हर किसी से विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि भावनात्मक रूप से प्रतिक्त्रिस्याएं न व्यक्त करें और राज्य के हर जिले में आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी से कार्य करें।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह उच्च न्यायलय द्वारा राज्य में गोमांस की बिक्त्रस्ी पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने की निर्देश जारी किये गए थे जिसके बाद कश्मीर घाटी में प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था और इसे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप की रंगत दी गई थी।