जम्मू-कश्मीर में आईपीएस अफसर बसंत रथ का डीजीपी दिलबाग सिंह के खिलाफ लिखा गया पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस के आईपीएस अफसरों की लड़ाई कोई नई नहीं है। पहले भी कई अफसरों का आपस में विवाद हो चुका है। मामला कोर्ट तक पहुंचा है।
मौजूदा डीजीपी से पहले डीजीपी रहे डॉ. एसपी वैद की नियुक्ति भी विवादों में रही। वैद को डीजीपी बनाए जाने से आईपीएस अफसर एसके मिश्रा खासे खफा हो गए थे। उन्होंने वैद की नियुक्ति को चंडीगढ़ सीएटी में चुनौती तक दे डाली थी। उनका कहना था कि वह वैद से सीनियर हैं और वरिष्ठता के आधार पर उनको डीजीपी बनाया जाना चाहिए।
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यहीं नहीं, हाल ही में कुछ आईपीएस अफसरों को जेकेयूटी से लद्दाख यूटी ट्रांसफर कर दिया गया। इसे लेकर अभी आईपीएस अफसरों में रोष था। डीजीपी दिलबाग सिंह की नियुक्ति के वक्त भी अंदर खाते कुछ आईपीएस अफसरों ने विरोध जताया था। उनका कहना था कि वह डीजीपी दिलबाग सिंह से वरिष्ठ हैं। इसके बावजूद दिलबाग सिंह को डीजीपी बनाया गया।
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद भी डीजीपी दिलबाग सिंह के खिलाफ अफवाहें फैलाने की कोशिश की गई कि उनके स्थान पर किसी नए डीजीपी को लाया जा रहा है। हालांकि बाद में ये अफवाहें पूरी तरह से झूठी निकलीं।
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अब आईपीएस बसंत रथ ने दिलबाग सिंह के खिलाफ पत्र लिखकर मामले को गर्म कर दिया। बता दें कि पिछले कई दिनों से बसंत रथ की ओर से ट्वीट किए जा रहे थे, जिसमें बार-बार दिलबाग सिंह का नाम लिया जा रहा था। हालांकि बसंत रथ ने किसी अन्य नाम के ट्विटर अकाउंट दिलबाग सिंह को कोट करते हुए यह सब लिखा था।