लगातार चौथे दिन लाखों उपभोक्ता मोबाइल इंटरनेट सेवा से महरूम रहे। हालांकि मंगलवार को कुछ मोबाइल कंपनियों ने चंद मिनट के लिए इंटरनेट सेवा शुरू की, लेकिन थोड़ी ही देर में बंद कर दी। किसी ने दस मिनट, किसी ने आधा घंटा तो किसी ने पांच मिनट। ऐसा लगा, जैसे प्रशासन सेवा बहाल करने को ट्रायल कर रहा हो। सेवा बंद होने से मोबाइल इंटरनेट उपभोक्ताओं में रोष भी काफी बढ़ रहा है।
प्रशासन की ओर से अभी तक सेवा बहाल करने की कोई जानकारी नहीं है। प्रशासन कश्मीर के हालात पर टकटकी लगाए है। जम्मू कश्मीर में इस समय 60 लाख से अधिक मोबाइल इंटरनेट उपभोक्ता हैं।
बैंकिंग, कारोबार, सोशल नेटवर्क आदि का काम बहुत हद तक मोबाइल इंटरनेट पर निर्भर करता है। इन सेवाओं को यहां उपभोक्ता अपने मोबाइल पर ही इस्तेमाल कर लेते थे, वहीं इसके लिए साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ रहा है।
इमेल, नेट बैकिंग, बिलों के भुगतान के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं के रिचार्ज कराए गए चार दिन के प्लान बंद हो गए। उपभोक्ताओं का कहना है कि कंपनियों को चाहिए कि उनका जितना डाटा बचा था, उसे वेलिडिटी के साथ वापस किया जाए।