उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
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एलजी कटड़ा में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के स्थापना दिवस समारोह और श्री माता वैष्णो देवी गुरुकुल के वार्षिक दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए श्राइन बोर्ड की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां समर्पण, अनुशासन और सेवा की भावना को दर्शाती हैं, जो सनातन संस्कृति के मूल गुण हैं। गुरुकुल के छात्रों को संबोधित करते हुए एलजी ने सीखने में जिज्ञासा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिज्ञासा ज्ञान का पहला दीपक है। हमारी परंपरा में सवाल पूछने को कभी कमजोरी नहीं माना गया। उपनिषदों की परंपरा संवाद, चिंतन और अनुभव की परंपरा रही है। शिक्षकों को छात्रों को केवल ज्ञान ही नहीं देना चाहिए, बल्कि उनमें मूल्य और संस्कार भी विकसित करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि विज्ञान हमें गति देता है, जबकि मूल्य हमें दिशा देते हैं। गति और दिशा के बीच संतुलन ही सच्ची प्रगति है। उन्होंने गुरुकुल की शिक्षा प्रणाली में आधुनिक विषयों, विशेष रूप से विज्ञान और कंप्यूटर तकनीक को शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उपराज्यपाल ने गुरुकुल और श्राइन बोर्ड से पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, पौधरोपण और स्वच्छता के क्षेत्र में पहल करने का आग्रह किया, ताकि ये संस्थान सतत विकास के जीवंत उदाहरण बन सकें।
गुरुकुल के लिए तीन पहलों का प्रस्ताव
उपराज्यपाल ने गुरुकुल के लिए तीन महत्वपूर्ण पहलों का प्रस्ताव रखा। इनमें भारतीय ज्ञान परंपराओं और आधुनिक विज्ञान के बीच संवाद स्थापित करने के लिए मूल्य एवं विज्ञान नवाचार केंद्र, स्वच्छता, डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवा गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को समुदायों से जोड़ने के लिए सेवा एवं समाज अभियान तथा छात्रों को जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ नई तकनीकों के लिए तैयार करने के लिए भविष्य के कौशल एवं नैतिक तकनीक पहल शामिल हैं।
परंपरा और आधुनिकता एक-दूसरे को करेंगी समृद्ध
सिन्हा ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि श्री माता वैष्णो देवी गुरुकुल आने वाले वर्षों में शिक्षा के ऐसे केंद्र के रूप में उभरेगा, जहां परंपरा और आधुनिकता एक-दूसरे को समृद्ध करेंगी और छात्र जागरूक, संवेदनशील और गुणी नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि ज्ञान तभी पूर्ण होता है, जब उसके साथ करुणा, विनम्रता और मानवता के प्रति जिम्मेदारी की भावना हो। उन्होंने कहा कि माता वैष्णो देवी हम सभी को शक्ति, ज्ञान और सेवा की भावना प्रदान करें और भारत को ज्ञान, करुणा और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहने का आशीर्वाद दें। समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज, डॉ. अशोक भान, ललित भसीन, सुरेश कुमार शर्मा, पद्मश्री प्रो. विश्व मूर्ति शास्त्री, एसएमवीडीएसबी के सीईओ सचिन कुमार वैश्य, अतिरिक्त सीईओ आलोक कुमार मौर्य सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।