- पिता के कंधों का मजबूत सहारा बनने की चाह के साथ आगे बढ़ रहीं ग्रेटर कैलाश की अप्रा
जम्मू। कोविड में जब प्रैक्टिस छूटी तो खुद खिलाड़ी होने के नाते इंजरी को महसूस करते हुए दवा का कारोबार शुरू कर दिया। हालांकि शुरुआत में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा, मगर बाद में परिवार की मदद से सभी चुनाैतियों को पार कर अब बिजनेस के साथ-साथ पढ़ाई भी कर रही हैं।
अप्रा शर्मा ने जिलास्तर पर बास्केटबॉल की विभिन्न प्रतियोगिताओं में खुद को साबित किया। कोराेना काल के दौरान प्रैक्टिस छूटने पर मन बिजनेस को संभालने में लगाया और देखते ही देखते पिता का सहारा बन गईं। वह स्प्रे के निर्माण व वितरण में हाथ बंटाने लगीं। पूछने पर कि खेल क्यों छोड़ा तो अप्रा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सुविधाएं नहीं थीं, साथ ही लड़कियों की कम संख्या के कारण खेल में रुचि नहीं बढ़ी। ऐसे में पिता अदितेंद्र शर्मा के साथ काराेबार में कंधे से कंधा मिलाया।
ग्रेटर कैलाश की अप्रा के अनुसार एक वर्ष पहले बिजनेस के लिए पापा ने जब योजना बनाई तो उन्होंने मदद करने के लिए कहा। लेकिन उन्होंने मना नहीं कर दिया। हालांकि मीटिंग में वे उन्हें साथ ले जाते थे। अब क्लस्टर यूनिवर्सिटी से एमए करने के साथ-साथ बिजनेस को भी समय दे रही हैं।
अदितेंद्र शर्मा ने बताया कि उस समय खिलाड़ियों को चोट लगने या शरीर के किसी अंग में सूजन आने पर तत्काल राहत के लिए कोई स्प्रे बाजार में नहीं था तो हमने पुणे में छोटे भाई के सहयोग से आइस स्प्रे बनाने की इकाई शुरू की। इसमें बेटी अप्रा पूरी रुचि से सहयोग कर रही है। खेल विभाग की तरफ से कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय सृजन कार्यक्रम में अप्रा ने उत्पाद का प्रदर्शन भी किया।
मैदान में खेलने का अभी भी है जुनून
अप्रा ने कहा कि वह खेल को बेहतर करने के लिए प्रैक्टिस शुरू करने की सोच रही है। खेल के प्रति जुनून अभी कम नहीं हुआ है लेकिन कुछ समय के लिए विराम दिया था। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए संसाधन कम थे इसलिए पैर पीछे खींचने पड़े।