इसके तुरंत बाद कश्मीर के आईजी पुलिस एसपी पाणि ने शनिवार को कहा है कि पिछले पांच दिन में हमने एक भी गोली नहीं चलाई है। इस दौरान कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस तरह की खबरें चल रही हैं कि पुलिस ने घाटी में फायरिंग की है। जो पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।
शनिवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि लोगों को घाटी में गोलीबारी की घटनाओं के बारे में किसी भी शरारती और प्रेरित खबरों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। घाटी में स्थिति शांत है, लोग सहयोग कर रहे हैं।
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बता दें कि इस सप्ताह के शुरू में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019, जम्मू-कश्मीर आरक्षण (दूसरा संशोधन) विधेयक 2019, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करने वाले प्रस्ताव को लोकसभा और राज्यसभा में पारित किया गया था। जिस समय अनुच्छेद 370 को रद्द किया गया, उस वक्त केंद्र सरकार ने किसी भी संभावित अप्रिय घटना को नियंत्रित करने के लिए घाटी में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की थी।