जम्मू। बीएसएफ डीजी पंकज सिंह शुक्रवार को वापस लौट गए। डीजी बनने के बाद वह पहली बार जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए और पूरे बॉर्डर जमीनी हालत की जानकारी ली। वह तीनों जिलों जम्मू, सांबा, कठुआ की अग्रिम पोस्टों तक पहुंचे। यहां उन्होंने घुसपैठ के लिए गंभीर माने जाने वाले क्षेत्रों का दौरा किया। डीजी बनने और इसके बाद तालिबान की चुनौती से निपटने के लिए पंकज का दौरा काफी अहम माना गया है।
सिंह ने अपने दो दिन के दौरे में बार्डर के तीनों ही क्षेत्रों की समीक्षा कर ली है। खासकर डीजी ने तीनों जिलों के उन नालों का दौरा किया, यहां से पाकिस्तान घुसपैठ करवा सकता है या फिर करवाता आया है। सिंह ने बीएसएफ जवानों को कहा है कि वह हर तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहें। शुक्रवार को डीजी ने आरएस पुरा और अरनिया क्षेत्र का दौरा किया। उनके साथ आईजी एन एस जमवाल भी मुख्य रूप से मौजूद थे। वह एक नाला, फलकु नाला और अन्य क्षेत्रों तक पहुंचे। इन जगहों से अकसर घुसपैठ की कोशिश रहती है। बीएसएफ के कमांडेंटों ने डीजी को बताया कि इस समय बार्डर पर ड्रोन, ड्रग्स तस्करी जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। जिस पर अंकुश लगाने और नजर रखने के लिए विशेष रूप से तैनात की गई है। बीएसएफ की ओर से आधुनिक उपकरणों की मदद से उस पार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि केंद्र भी कह चुका है कि तालीबान सीमा पर एक चुनौती है। ऐसे में डीजी पंकज सिंह ने बीएसएफ जवानों को कहा है कि वह अपनी हर तरह की तैयारी रखें। सीमा की रखवाली के लिए किसी का भी सामना करना पड़े तो तैयार हैं। उन्होंने जमीनी स्तर पर बीएसएफ के बंदोबस्त और प्रबंधन पर संतुष्टि जाहिर की है। वह बीएसएफ के एंटी टनल तंत्र, सीसीटीवी सर्विलेंस आदि से रूबरू हुए। डीजी ने जवानों से भी मुलाकात की और कहा कि उनके उत्थान के लिए हर तरह का प्रयास होगा।