गृह विभाग के सचिव, सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव और कानून विभाग के सचिव वाली समिति ने मामले की जांच सभी आरोपों को ध्यान में रखकर शुरू की है। सूत्रों की मानें तो जम्मू-कश्मीर सर्विस सलेक्शन बोर्ड के कुछ पूर्व अफसर भी शक के घेरे में हैं। इनसे भी पूछताछ की जा सकती है।
पुलिस सब इंस्पेक्ट भर्ती घोटाले की जांच के लिए समिति ने भर्ती प्रक्रिया का रिकॉर्ड तलब किया है, जिसकी स्क्रूटनी होगी। समिति ने इस मामले की जांच तेज कर दी है। इसमें पुलिस व कुछ अन्य जांच एजेंसियों का सहयोग भी लिया जा रहा है। गृह विभाग के सचिव, सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव और कानून विभाग के सचिव वाली समिति ने मामले की जांच सभी आरोपों को ध्यान में रखकर शुरू की है। सूत्रों की मानें तो जम्मू-कश्मीर सर्विस सलेक्शन बोर्ड के कुछ पूर्व अफसर भी शक के घेरे में हैं। इनसे भी पूछताछ की जा सकती है।
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जांच समिति ने मंगलवार को धांधली के आरोपों पर गहरा मंथन किया है। इसमें पुलिस व कुछ अन्य एजेंसियों के अधिकारियों का भी सहयोग लिया गया। रिकॉर्ड की स्क्रूटनी कुछ हद तक कर दी गई है और बाकी का काम अगले दो से तीन दिन में होगा। सूत्रों की मानें तो शुरूआती जांच भर्ती में धांधली की तरफ इशारा कर रही है।
पहली बार जेकेएसएसबी ने की पुलिस की भर्ती
बता दें कि पुलिस में सब इंस्पेक्टरों की भर्ती पहली बार जम्मू-कश्मीर सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) के जरिए कराई गई है। इससे पहले पुलिस महकमा ही इसकी भर्ती कराता था। सरकार ने फैसला किया कि पुलिस की भर्ती एसएसबी करेगा, क्योंकि पुलिस द्वारा भर्ती कराने पर भी अकसर सवाल उठते थे कि भर्ती में धांधली होती है।
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पुलिस अफसर अपनी मर्जी से चहेतों को भर्ती कराते हैं, लेकिन इस बार एसएसबी ने पहली बार भर्ती की और पहली बार ही एसएसबी भी सवालों के घेरे में आ गया है। सूत्रों की मानें तो एसएसबी के भर्ती के वक्त रहे कुछ अफसर भी राडार पर हैं और यह भी शक के घेरे में हैं। इनसे भी पूछताछ हो सकती है।
भर्ती रद्द होगी या नहीं सिफारिश करेगी समिति
जानकारी के अनुसार यदि भर्ती में धांधली के आरोप साबित होते हैं तो इस पर समिति सिफारिश करेगी कि भर्ती की सूची रद्द कर देनी चाहिए या नहीं। या फिर इसके आरोपियों को क्या सजा मिलनी चाहिए। समिति सरकार को इसे लेकर कार्रवाई की सिफारिश करेगी।