सेना की 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा ने बुधवार को श्रीनगर के बादमीबाग स्थित 15 कोर के मुख्यालय में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के टंगधार सेक्टर में बीते सोमवार को आतंकियों से लोहा लेते समय 3/1 जीआर के राइफलमैन आश गुरुंग, राइफलमैन अंकित और राइफलमैन बिशाल गुरुंग शहीद हो गए थे।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा ने कहा कि उन्हें अपने जवानों पर गर्व है। वह उनकी शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। उनकी शहादत को याद रख वह हर खतरे का दृढ़ता से सामना कर सकते हैं।
साहा ने कहा कि एलओसी पर तैनात सेना का एक ही उद्देश्य है कि वह घुसपैठ कर रहे आतंकियों को वहीं पर मार गिराए ताकि वह घाटी की ओर न बढ़ सकें। टंगधार में हुई घुसपैठ पर उन्होंने कहा कि यह घुसपैठ की कोशिश थी।
आने वाले दिन सेना के लिए चुनौती भरे
दो से तीन आतंकियों का ग्रुप था। जो एक आतंकी मारा गया, उससे जिस प्रकार के हथियार बरामद हुए हैं, उससे साफ स्पष्ट होता है कि उनके पीछे एक बड़ा ग्रुप घुसपैठ के लिए तैयार था। वह मार्गदर्शक के तौर पर आगे बढ़े थे। साहा ने कहा कि यह मुठभेड़ एलओसी से केवल 250 मीटर की दूरी पर हुई थी।
सुब्रत साहा ने यह भी कहा कि कश्मीर घाटी से सटे एलओसी वाले इलाकों में आने वाले दिन सेना के लिए काफी चुनौती भरे रहेंगे। उनके अनुसार कुछ ऐसी जगहों को छोड़ जहां अभी भी बर्फ है, आतंकी आने वाले दिनों में घुसपैठ का पूरा प्रयास करेंगे।
साहा ने कहा कि अब मौसम में भी सुधार हो चुका है, इसलिए संभावना है कि घुसपैठ में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने यह कहा कि सेना के जवान किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं।
सोपोर में बने हालातों चिंताजनक
सोपोर में बने हालातों पर साहा ने कहा कि यह एक नई चीज है, जिसके बारे में गंभीरता से जांच जारी है। उन्होंने कहा कि इस आतंकी संगठन के बारे में आज तक किसी ने भी नहीं सुना। यहां तक कि संगठन की हर वर्ग की ओर से आलोचना की जा रही है।
साहा ने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस संगठन को बेनकाब किया जाएगा। कश्मीर घाटी की मौजूदा स्थिति पर साहा ने कहा कि घाटी में हालात ठीक हैं। जो धमकी भरे पोस्टर हैं, ये सोपोर के एक हिस्से में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि टूरिस्ट सीजन चल रहा है। कुछ शरारती तत्व इसे बिगाड़ने की कोशिश करेंगे।
वहीं हाल ही में दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले के यारीपुरा में सेना द्वारा मारे गए लश्कर के कमांडर अयातुल्लाह भट को उन्होंने एक बड़ी कामयाबी माना। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2013 में एक सरपंच और एक सीआरपीएफ की हत्या में आरोपी था। इसके अलावा कई बार उसने सुरक्षा कर्मियों से बंदूकें भी छीनी थी।