कश्मीर में स्थित सेना की 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रता साहा ने सोमवार को कई जानकारियां मीडिया के साथ सांझा कीं। घाटी में मंगलवार को पांच विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण के अंतर्गत होने वाले मतदान को ध्यान में रखते हुए लेफ्टिनेंट जनरल साहा ने कहा कि वह खुद बांडीपोरा और गांदरबल जिलों का जायजा लेकर लौटे हैं। उन्होंने आश्वासन दिलाया कि सेना चुनावों को लेकर पूरी तरह से सक्षम है।
साहा ने कहा कि उन्हें खुफिया एजेंसियों से कई जानकारियां प्राप्त हो रही हैं, जिसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सेना तैयार है। आसानी से निशाना बनाए जाने वाली चीजों की सुरक्षा के लिए सेना सतर्क है। इसकी जिम्मेदारी सभी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मिलकर ली गई है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए उनके द्वारा कोर ग्रुप मीटिंग भी की गई है। इसमें लगभग सभी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मौजूद थे।
लेफ्टिनेंट जनरल ने आतंकियों की रणनीति को लेकर कहा कि आतंकी संगठनों द्वारा अपनी नीतियों में बदलाव लाया गया है। जीओसी के अनुसार इस वर्ष घाटी में कुल 86 आतंकी मारे गए। इनमें से 45 आतंकियों को सेना द्वारा घुसपैठ के दौरान मार गिराया गया। इससे सेना के जवानों की नियंत्रण रेखा पर सतर्कता का अंदेशा लगाया जा सकता है।