कठुआ। शहर से सटे बुद्धि गांव को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की परियोजना का विरोध शुरू हो गया है। बुद्धि में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए सात गांव में जमीनों का अधिगृहण किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र से नहर के निर्माण के लिए किए गए सर्वेक्षण में भी कई आवासीय क्षेत्र जद में आ रहे हैं। इससे चिंतित होकर सात गांवों के लोगों ने प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विरूद्ध स्वर मुखर कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि बुद्धि में औद्योगिक क्षेत्र किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं किया जाएगा। इसे स्थापित करने के लिए किसी दूसरे स्थान पर सर्वेक्षण करवाया जाए और वहीं स्थापित किया जाए। इसके साथ ही लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो इलाके के बच्चे, बुजर्ग, युवा और सभी वर्ग के लोग एकजुट होकर व्यापक आंदोलन शुरू कर देंगे।
बुद्धि के पूर्व सरपंच पोली सिंह ने बताया कि जहां औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की तैयारियां चल रही हैं वह राजस्व हल्का बुद्धि है, लेकिन क्षेत्र बरवाल और सौंथल गांव का है। सात गांव की घनी आबादी वाले इस इलाके में बड़ा औद्योगिक क्षेत्र जनता को मंजूर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नई नहर के लिए गूगल मैप पर ही सर्वे कर दिया गया है, जिससे सैंकड़ों लोगों के घर भी जद में आ रहे हैं। यह प्रक्रिया किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बुद्धि में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विरोध में रविवार को बैठक कर सभी ने एकमत से निर्णय लिया है कि नहर का सर्वेक्षण बदला जाए। इसके अलावा गांव में औद्योगिक क्षेत्र भी स्थापित नहीं होने दिया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक ओर कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन है। लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी है तो वहीं 24 जुलाई को इन क्षेत्रों से सटी जमीन को औद्योगिक विभाग को सौंपे जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। जो इन गांव के लोगों को मंजूर नहीं है।