एलओसी पर गोलाबारी से उपजे हालात को चिंताजनक बताते हुए नेकां अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा, भारत और पाकिस्तान को अमन बहाली के लिए कदम उठाने होंगे।
श्रीनगर संसदीय सीट से उपचुनाव में नेकां और कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी डा. फारूक ने कहा, बातचीत के सिवाय दूसरा कोई भी विकल्प नहीं है। न सिर्फ दोनों मुल्काें की सरकार, बल्कि सिविल सोसायटी और मीडिया को संवाद का माहौल तैयार करना होगा।
उन्हाेंने कहा, जम्मू कश्मीर की समस्या आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक है। इसका हल भी राजनीतिक ही ढूंढना होगा। रियासत के युवा मुख्यधारा से पृथक हो रहे हैं, जिन्हें धमकाने के बजाय प्रेरित करते हुए वापस लाना होगा। टकराव का नजरिया हालात को और बिगाड़ने का काम करेगा।
अमरिंदर के नेतृत्व में खुशहाल होगा पंजाब
रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला
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डा. फारूक ने कहा, राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को संयम से काम लेना चाहिए, ताकि छोटी वजह दोनों मुल्कों के बीच युद्ध का सबब न बन सके। पहले ही भारत और पाकिस्तान के बीच चार जंग हो चुकी हैं। इसमें न तो एक को फायदा हुआ न दूसरे को। अवाम ने ही जान माल का नुकसान झेला है। अमन बहाल होने से ही तरक्की और खुशहाली का माहौल बन सकता है।
डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पंजाब खुशहाली का नया दौर लाने में सक्षम होगा। पंजाब के जनादेश की अपेक्षाओं के अनुरूप नई सरकार बेहतर काम करेगी।
ज्ञात हो कि पंजाब के मुख्यमंत्री पद कीशपथ के लिए आयोजित समारोह में 23 विशेष अतिथि बुलाए गए थे। इनमें डा. फारूक अब्दुल्ला का नाम भी शामिल था, जो किन्हीं कारणों से समारोह में शामिल नहीं हो सके।