जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ से इंडिगो विमान कंपनी के 30 स्टाफ और उनके परिवार के सदस्यों को आखिरकार सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार स्टाफ और उनके परिवारों के बाढ़ में फंसने की सूचना मिलने के बाद कंपनी की ओर से सर्च अभियान चलाया गया।
नौ दिनों के अथक प्रयास के बाद सभी स्टाफ को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। कंपनी की ओर से श्रीनगर में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके तहत 1,37,873 किलोग्राम राहत सामग्री पहुंचाई गई, जिसमें दूर संचार के उपकरण भी शामिल हैं। इसके अलावा 1736 लोगों को बिना टिकट के विमान द्वारा क्षेत्र से बाहर पहुंचाया गया।
इंडिगो की ओर से राहत कैंपों के लिए छह डाक्टर भेजे गए। इसके अलावा अपोलो और आईएमए के 127 डाक्टरों को विभिन्न कैंपों में योगदान करने के लिए पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार अपोलो अस्पताल, चिनार फाउंडेशन और इंडिगो कर्मचारियों की मदद से कैंपों में फ्री दवाएं वितरित की गईं।
कंपनी के फिजीशियन और मनोचिकित्सक रोजाना श्रीनगर जाकर लोगों का इलाज करने के अलावा उन्हें मानसिक रूप से मजबूत करते रहे। वे न सिर्फ इंडिगो स्टाफ, बल्कि एयरपोर्ट में काम करने वाले मुलाजिमों और अन्य विमान एजेंसियों को भी चिकित्सा सुविधा प्रदान करते रहे। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खाने का सामान और पानी की बोतलें पहुंचाने के लिए वायुसेना को भी विमान उपलब्ध करवाएं।