जिला प्रशासन के साथ अब सेना ने भी सैन्य वर्दी का सिविलियंस द्वारा इस्तेमाल करने को अवैध घोषित किया है। हालांकि इसकी बिक्री दुकानदारों और युवाओं दोनों को ही रास आती है।
युवाओं और कालेज के विद्यार्थियों में सेना की वर्दी का खासा उत्साह रहता है। वह सेना के ट्रोजर और जैकेट आदि पहनते हैं। सेना की नई गाइडलाइन के मुताबिक किसी भी आम नागरिक को इसकी बिक्री अवैध करार दी गई है।
जानकारी के अनुसार शहर के सतवारी, गुम्मट, रेलवे स्टेशन के बाहर, नरवाल तथा सांबा में कई दुकानें हैं। जहां आर्मी की वर्दी और अन्य सामान बिकते हैं। जिला प्रशासन की ओर से दुकानदारों को इन्हें बेचने के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है।