सेना ने इस साल के पहले 50 दिनों में 22 आतंकियों को मार गिराया है। इसमें हिजबुल और लश्कर के कमांडर भी शामिल हैं। करीब छह साल बाद ऐसा हुआ, जब सेना ने इतने कम दिनों में इतने आतंकी मार गिराए। हालांकि सेना के छह जवान आतंकी घटनाओं में शहीद हुए हैं।।
साल के शुरू होते ही आतंकी घटनाएं शुरू हो गई थीं। इसका सेना ने भी कड़ा जवाब दिया। 14 फरवरी को हंदवाड़ा के आपरेशन में एक मेजर शहीद हो गए। यहां पर तीन आतंकियों को मारा गया। इसी दिन बांदीपोरा के आपरेशन में तीन सैनिक शहीद हुए, जबकि एक आतंकी मारा गया।
चार दिन पहले 12 फरवरी को कुलगाम में हुई एक मुठभेड़ में चार आतंकियों को मार गिराया गया, जबकि सेना के दो सैनिक शहीद हुए। क्रास फायरिंग में दो नागरिकों की भी मौत हुई है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक जिन आतंकियों को मार गिराया गया है। वह काफी समय से कश्मीर में सक्रिय थे।
50 दिनों में कश्मीर में करीब 50 आपरेशन
Indian Army
- फोटो : File Photo
पुलिस और सेना की तरफ से इन 50 दिनों में कश्मीर में करीब 50 आपरेशन चलाए गए, जिसमें 16 आपरेशनों में 22 आतंकियों को मार गिराया गया। तीन को जिंदा पकड़ा गया है। इसके अलावा अभी तक 40 आतंकियों के मददगारों को भी पकड़ा गया है, जिसमें सबसे बड़ा नेटवर्क शनिवार को पकड़ा।
जब आतंकियों के आठ मददगारों और एक आतंकी को पकड़ा गया। यह ग्रुप हिजबुल के लिए युवाओं को भर्ती करने का काम करता था। एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार बुरहान की मौत के बाद पूरे कश्मीर में करीब 100 युवा आतंकवाद के रास्ते पर आए हैं। उनके बारे में पुलिस के पास पूरी जानकारी है।
बर्फीले तूफान में शहीद हुए थे 20 जवान
बर्फीले तूफान में शहीद हुए थे 20 जवान
- फोटो : डेमो फोटो
सियाचिन ग्लेशियर के दक्षिणी हिस्से में तीन फरवरी को 20 जवान हिमस्खलन में शहीद हुए थे। कठिन परिस्थितियों में सेवा दे रहे जवानों की हमेशा अपनी जान जोखिम में रहती है। इसके बावजूद हर हाल में देश सेवा का जज्बा जवानों में भरा रहता है।