23 मई 2018 को उस समय विवाद खड़ा हुआ था जब यह खबर फैली थी कि सेना के एक अधिकारी को एक नाबालिग लड़की के साथ स्थानीय होटल से पुलिस ने गिरफ्तार किया जो यौन शोषण की मंशा से उसे साथ लेकर आया था। यह मामला ज्यादा तूल तब पकड़ने लगा जब यह पता चला कि पकड़ा गया अधिकारी वह है, जिसने बडगाम जिले में उपचुनाव के दौरान एक स्थानीय युवक को ह्यूमन शील्ड बनाया था।
इस मामले से चर्चा में आए थे मेजर गोगोई
सेना पर हो रही पत्थरबाजी को रोकने के लिए 28 साल के बुनकर फारूक अहमद डार को 9 अप्रैल 2017 को रस्सी से बांधकर सेना की जीप के बोनट पर बांधकर करीब छह घंटे तक उसे उस इलाके के कई गांवों में घुमाया गया। यह सब बीरवाह सब-डिस्ट्रिक्ट में भारतीय सेना के बडगाम कैंप के 53 राष्ट्रीय राइफल के मेजर लीतुल गोगोई के नेतृत्व में हुआ। लीतुल का कहना था कि पत्थरबाजों से बचने के लिए सेना का ऐसा करना जरूरी था। इसके बाद सरकार द्वारा मेजर को सम्मानित भी किया गया था।