फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेना ने आतंकियों की घुसपैठ को ऐसे किया था नाकाम, जान बचाने के लिए फड़फड़ाते नजर आए आतंकवादी

Fri, 27 Sep 2019 01:56 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
लाल घेरे में आतंकी - फोटो : ani
विज्ञापन

भारतीय सेना को 30 जुलाई को कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तानी आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिली। इसके तुरंत बाद सेना के जवानों ने कार्रवाई शुरू की। सेना की कार्रवाई और जवानों की मुस्तैदी से सहमे आतंकी जैसे तैसे जान बचाकर भागे। आतंकवादी भारतीय चौकियों पर हमले और घुसपैठ की फिराक में थे।

विज्ञापन

 


इससे पहले भारतीय सेना ने 4 अगस्त को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के केरन सेक्टर में एलओसी पर पाकिस्तान के बैट हमले को नाकाम करते हुए पांच से सात आतंकियों व पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया था। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार केरन सेक्टर के एक फारवर्ड पोस्ट पर हमले की कोशिश की गई थी।

विज्ञापन

घुसपैठ कर रहे तीन आतंकियों को सेना ने मार गिराया था

सतर्क जवानों ने हमले को नाकाम करते हुए इन्हें मार गिराया था। सेना की ओर से सबूत के तौर पर ड्रोन से ली गई तस्वीर में चार आतंकियों के शव एलओसी पर पड़े दिखाई पड़ रहे थे। पाक की बैट में पाक सैनिक और आतंकी दोनों होते हैं। 

सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि 4 अगस्त को 36 घंटे के भीतर पाकिस्तान ने घाटी में शांति को बाधित करने तथा अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की कई कोशिशें कीं थी। इनमें एक बैट हमला भी था। घाटी में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार दहशतगर्दों को मार गिराया गया था।

ज्ञात हो कि उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में 30 जुलाई को सीजफायर उल्लंघन की आड़ में घुसपैठ कर रहे तीन आतंकियों को सेना ने मार गिराया था। इस बीच पाकिस्तान की ओर से एलओसी पर गोलाबारी कर घुसपैठ की कोशिशें कराई जा रही थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें