जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों में स्थानीय युवाओं की भर्ती में गिरावट दर्ज की गई है। यह बात जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने एक सवांददाता सम्मेलन के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि सेना में पुलवामा हमले के बाद आंतकियों पर शिकंजा कसा गया है और इस साल अब तक 69 आतंकी मारे और 12 पकड़े गए हैं। डीजीपी दिलबाग सिंह के मुताबिक, आतंकी संगठनों में स्थानीय युवकों की भर्ती में कमी आई है। 2018 में 272 आतंकियों को मार गिराए गए और बड़ी संख्या में गिरफ्तारी भी हुई हैं।
उन्होंने कहा जहां तक आतंकवाद की समस्या को काबू करने का सवाल है तो साल 2018 इस लिहाज से कामयाब रहा है। तब से लेकर अब तक कानून व्यवस्था भी नियंत्रण में रही है। अब तक चुनाव भी शांतिपूर्ण तरीके से हुआ है। पंचायत चुनाव में भी कोई बड़ी घटना नहीं हुई।
वहीं इस मौके पर केजेएस ढिल्लों, जीओसी 15 कॉर्प्स ने कहा कि इस साल जैश-ए-मोहम्मद के 25 आतंकवादियों को मार गिराया गया है। घाटी में अब जैश का कोई भी नेता नहीं बचा है।
मैं आतंकी संगठनों से किसी भी रूप में जुड़े घाटी के तमाम युवाओं से अनुरोध करना चाहता हूं कि वे समर्पण कर दें। ऐसे कुछ युवाओं ने कुछ आत्म समर्पण किया भी है और किसी को इसबारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।