राहत कार्यों में जुटी सेना के रास्ते में बारिश खलल नहीं डाल सकती। पीडि़तों को मदद पहुंचाने में जवान बुलंद हौसलों के साथ काम कर रही है। भारतीय वायु सेना के एयरक्राफ्ट बिना रुके बाढ़ में फंसे लोगों को निकाल रहे हैं। पांच हजार लोगों को सेना अभी तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जम्मू पहुंचा चुकी है, जबकि 13 से 14 हजार लोग श्रीनगर से सीधे बाहरी राज्यों में पहुंचाए गए हैं।
जम्मू से श्रीनगर तक वायु सेना के 67 हेलिकाप्टर लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। बाहरी राज्यों से भी कई हेलिकाप्टर राहत सामग्री को श्रीनगर पहुंचा रहे हैं। इस काम के लिए वायु सेना ने जोधपुर से 17 और सूरतगढ़ तथा भठिंडा से भी हेलिकाप्टर मंगवाए गए हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार एयरक्राफ्टों को सिर्फ सर्विस ब्रेक और फ्यूल भरने तक की ब्रेक दी जा रही है।
जवानों की ड्यूटी के घंटे बढ़ा दिए गए हैं
सैन्य अधिकारियों के अनुसार जम्मू के पुंछ, रियासी, किश्तवाड़, पंचैरी आदि क्षेत्रों में भूस्खलन हुआ है। रास्ते कट गए हैं। लोगों को फौरी तौर मदद पहुंचाने के लिये हम खराब मौसम में भी काम करने में लगे हुए हैं। सेना जी-जान से राहत कार्यों में जुटी है। जवानों की ड्यूटी के घंटे बढ़ा दिए गए हैं। उन्हें सिर्फ सामान्य नींद पूरी करने तक की अनुमति दी गई है। यहां तक कि जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
पंद्रह टन खाना भेजा गया बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए सूरतगढ़ से सी-30 और सी-70 जैसे बड़े एयरक्राफ्ट आए हैं। इनकी वहन क्षमता भी अधिक है। एक एयरक्राफ्ट से 15 टन राहत सामग्री शुक्रवार को भेजी गई। एयरक्राफ्ट की क्षमता 17 टन की है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र को देखते हुए दो टन कम लोड कर भेजा गया। अभी तक सेना द्वारा 250 टन भोजन बाढ़ पीडि़त क्षेत्रों में पहुंचाया गया है।
चार दिनों में श्रीनगर से निकाले गए पीडि़त
तिथि लोग
9 सितंबर 805
10 सितंबर 045
11 सितंबर 939
12 सितंबर 500