विनाशकारी बाढ़ ने ताश के पत्तों की तरह सरकारी इमारतों, दरिया के सुरक्षा बांधों, नदियों, स्कूलों, सड़कों और पुलों के अलावा बिजली और पानी के ढांचे को ढहा दिया है। जम्मू संभाग में ही विभिन्न विभागों में नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्टें चौंकाने वाली हैं। सरकारी ढांचे को 2000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग जम्मू के चीफ इंजीनियर एससी जैरथ का कहना है कि बाढ़ से चिनाब दरिया, तवी, बसंतर और उज्ज में सुरक्षा बांधों को भारी क्षति पहुंची है। नहरों को भी भारी नुकसान हुआ है। अब तक करीब 450 करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया है। हालांकि, इससे ज्यादा का भी नुकसान हो सकता है।
सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अब्दुल हमीद शेख का कहना है कि संभाग में 2553 सड़कों और करीब 25 पुलों को क्षति पहुंची है। लगभग 500 करोड़ का नुकसान हुआ है। यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। इसी तरह से पीएचई विभाग और बिजली विभाग को करीब 500 करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
करीब 20 हजारों मकानों को क्षति
जम्मू के चीफ इंजीनियर सुशील आइमा का कहना है कि शहर में ही करीब 80 करोड़ का नुकसान हुआ है। संभाग में यह नुकसान काफी ज्यादा होगा। बिजली विभाग की चीफ इंजीनियर शहनाज गोनी का कहना है कि बाढ़ और बारिश से भारी नुकसान हु्आ है। सभी जिलों से रिपोर्ट मंगवाई जा रही है।
स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के महाप्रबंधक आरएस जंबाल का कहना है कि कश्मीर में कारपोरेशन के सैकड़ों वाहन पानी में डूबे हुए हैं। इससे खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितना बड़ा नुकसान है। मंडलायुक्त शांतमनु के अनुसार संभाग में करीब 20 हजारों मकानों को भी क्षति पहुंची है। अगर यह आंकड़े मिला लिए जाएं तो नुकसान का आंकड़ा कई गुणा बढ़ सकता है।
25 फुट ब्रिज का नामोनिशान मिटा
बाढ़ और तेज बारिश की मार संभाग की सड़कों और पुलों पर भी पड़ी है। संभाग के दस जिलों में आधी से ज्यादा सड़कें तबाह हो गई हैं। पानी के तेज बहाव ने 20 से 25 फुट ब्रिज का नामोनिशान मिटा दिया है। कई वाहन पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। संभाग की कुल 3517 सड़कों में से 2553 को क्षति पहुंची है।
इसमें करीब 1800 सड़कों को दोबारा चालू कर दिया गया है। इस आपदा से सड़क एवं भवन निर्माण विभाग (आरएंडबी) को करीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है। अस्थायी तौर पर सड़कों और पुलों को शुरू करवाने के लिए तत्काल 177 करोड़ रुपये की जरूरत है।
विभाग के चीफ इंजीनियर अब्दुल हमीद शेख के अनुसार सड़क और पुलों के ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। संभाग के दस जिलों में 9851 किलोमीटर में सड़कों का जाल बिछा है। लेकिन हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। पिछले कई दशक में संभाग की सड़कों और पुलों को ऐसा नुकसान नहीं पहुंचा था।
नया जम्मू कश्मीर बनाना पड़ेगा: शाम
पीएचई, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण
मंत्री शाम लाल शर्मा का कहना है कि जम्मू कश्मीर में अभूतपूर्व नुकसान हुआ
है। अब भी जम्मू और कश्मीर संभाग में कई इलाके पानी में डूबे हैं। नुकसान
की आंकड़ों में बात करना तो अभी मुमकिन नहीं होगा। इतना अवश्य है कि जो
हानि हुई है उससे नया जम्मू कश्मीर बनाना पड़ेगा।
कहां कितना नुकसान
जिला कुल सड़कें क्षतिग्रस्त (आरएंडबी)
जम्मू 1193 131
सांबा 328 188
कठुआ 400 333
पुंछ 394 156
राजोरी 638 249
उधमपुर 212 143
रियासी 129 121
डोडा 87 70
किश्तवाड़ 76 60
रामबन 43 40