देश-विदेश के निवेशकों ने जम्मू कश्मीर में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों के अलावा शिक्षा, उद्योग और आतिथ्य में निवेश की इच्छा जताई है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर ने विदेशी और स्वदेशी कंपनियों कोआवासीय विद्यालय, होटल, आईटी पार्क, आईटीईएस इकाइयों और अस्पताल से संबंधित परियोजनाओं को लाने के लिए आकर्षित किया है।
इन प्रस्तावों की शीघ्र मंजूरी और तेजी से कायार्न्वयन सुनिश्चित करने केलिए एक संयुक्त समूह गठित करने का निर्णय लिया गया। यूटी में विदेशी और स्वदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जा रहा है। श्रीनगर के एसकेआईसीसी सभागार में रविवार को हुए भारत-यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) निवेशक सम्मेलन में निवेशकों को यूटी प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया कि उन्हें जम्मू-कश्मीर में निवेश के लिए सभी सुविधाएं मिलेंगी।
सम्मेलन के दौरान यूटी प्रशासन की ओर से देश विदेश के निवेशकों के साथ संवाद सत्र में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं और क्षमता के बारे में बताया गया। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पिछली बार दुबई में कश्मीर में माल बनाने की बात कही गई थी और रविवार को यह हकीकत में तब्दील हो रहा है। हम विदेशी और स्वदेशी निवेश के लिए बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र तैयार कर रहे हैं।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पिछले साल जम्मू कश्मीर में 1.88 करोड़ पर्यटक आए थे, जो दशार्ता है कि देश विदेश के लोगों का जम्मू-कश्मीर की कानून व्यवस्था पर विश्वास बढ़ा है। यह अच्छी शुरुआत हुई है और आगे भी अच्छे परिणाम आएंगे। विकास पथ पर जम्मू-कश्मीर एक आकर्षक निवेश गंतव्य बन रहा है। हम काफी हद तक बाधाओं को दूर करने में सफल रहे हैं। नई मांगों को पूरा करने के लिए हम क्षमता और गुणवत्ता में अपने बुनियादी ढांचे का उन्नयन कर रहे हैं और उद्योगों के साथ अपनी साझेदारी को उच्च स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं।
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खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में मिलेंगे आकर्षक अवसर
सम्मेलन में निवेशकों से जम्मू कश्मीर में निवेश के अवसरों और मुद्दों पर विचारों के स्वतंत्र और स्पष्ट आदान प्रदान किया गया। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के व्यापारिक प्रतिनिधियों को जम्मू कश्मीर के विकास में भागीदार बनने और अधिक समृद्ध, न्याय संगत और जीवंत केंद्र शासित प्रदेश बनाने की दिशा में एक साथ आगे बढ़ने के लिए आमंत्रित किया। उपराज्यपाल ने कहा कि निवेशकों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में आकर्षक अवसर मिलेंगे।
जम्मू कश्मीर के डिजिटल परिवर्तन औद्योगिक इकाइयों को सक्षम और सशक्त करेगा। हमने दो नवाचार और आविष्कार केंद्र शुरू किए हैं जहां प्रशिक्षित संकाय और आईटी पेशेवर भविष्य के ज्ञान श्रमिकों को तैयार कर रहे हैं। उन्होंने दुबई में भारत के महावाणिज्यदूत डाॅ.अमन पुरी का आभार जताया। कहा एक अधिकारी नियुक्त किया जाएगा जो परिषद के संपर्क में रहेगा। इस मौके पर सलाहकार आरआर भटनाकर, मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता आदि मौजूद रहे।
जम्मू-कश्मीर में खुलेगा विश्व स्तरीय जलवायु कल्याण रिसॉर्ट
यूआईबीसी-यूसी और केईएफ होिल्डंग्स के अध्यक्ष फैजल एदवलथ कोट्टिकोलोन ने कहा कि निवेश के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ उत्सुकता से काम कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में एक विश्व स्तरीय जलवायु कल्याण रिसार्ट लाएंगे। यूआईबीसी के उपाध्यक्ष शराफुद्दीन शराफ ने कहा कि जम्मू कश्मीर और यूएई में व्यापार के अवसर बढ़ने के साथ रोजगार सृजित होगा। इससे दोनों देशों के लोगों को लाभमिलेगा। पिछले कुछ सालों में यूएई और भारत में व्यापारिक रिश्ते मजबूत हुए हैं। आज का दिन जम्मू कश्मीर के लिए ऐतिहासिक है। जम्मू कश्मीर में निवेशकों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन है।
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