जम्मू संभाग स्थित आईबी और एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही गोलीबारी के बावजूद भारत का अच्छा व्यवहार देखने को मिला रहा है। गलती से भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तानी बुज़ुर्ग को शनिवार को सही सलामत पाकिस्तान को सौंपा गया।
कश्मीर की नियंत्रण रेखा से सटे उड़ी सेक्टर में भारतीय सेना की ओर से मानवतावादी व्यवहार का बड़ा उदहारण पेश किया गया। सेना के इस व्यवहार के चलते एक पाकिस्तानी परिवार के चेहरे पर मुस्कराहट लौट आई।
भारतीय सीमा में दाखिल हो गया था बुज़ुर्ग
घटना 20 अगस्त की है, जब उड़ी सेक्टर में तैनात चौकस सेना के जवानों ने एक पाकिस्तानी मूल के 72 वर्षीय बुज़ुर्ग को हिरासत में ले लिया, जो भारतीय सीमा में दाखिल हो गया था।
सेना द्वारा उससे पूछ ताछ की गई, जिस दौरान पता चला कि यह पाकिस्तानी नागरिक है, जो गलती से सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में घुस आया है।
सेना ने उसकी हालत ठीक न पाने पर उसका अस्पताल में इलाज तक करवाया। इस बात की जानकारी पाकिस्तानी सेना को भी दी गई और निर्णय लिया गया कि फ्लैग मीटिंग कर इसे लौटाया जाएगा।
परिवार को वापस मिली खुशियां
शनिवार को दोपहर के दो बजे उड़ी सेक्टर की आखिरी चौकी कमान पोस्ट पर स्थित अमन सेतु पर भारतीय और पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग हुई।
मीटिंग के बाद मंगता खान (72) को पाकिस्तानी सेना के हवाले कर उसे उसके परिवार के साथ दोबारा मिलाप का अवसर दिया गया।
भारतीय सेना के इस मानवतावादी व्यवहार के चलते एक परिवार को उसकी खुशियां वापस मिल पाई और बुज़ुर्ग भी सही सलामत लौट गया। उसके अनुसार वह अपना मवेशी चराते समय रास्ता भटक गया था।