मीरवाइज उमर फारूक द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष रविंदर रैना ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा, भारत ने हमेशा हर राष्ट्र के साथ मित्रता का हाथ बढ़ाया है। ताली दोनों हाथों से बजती है। यदि भारत पाकिस्तान के साथ दोस्ती की कोशिश करता है, तो पाकिस्तान को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
रैना ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हमेशा भारत-पाकिस्तान संबंधों को सुधारने के लिए प्रयास किए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अगर पाकिस्तान अपने अतीत की गलतियों को नहीं दोहराता है, तो यह उनके लिए फायदेमंद होगा। भारत की पहल में सच्चाई है, लेकिन दूसरी तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया भी जरूरी है। रैना के अनुसार, यदि पाकिस्तान वास्तव में संबंध सुधारने के लिए इच्छुक है, तो यह समय है कि वह भारत की ओर सकारात्मक कदम उठाए।
इस बयान के बाद, राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत का नया अध्याय शुरू होता है, तो यह क्षेत्र में स्थिरता और शांति लाने में सहायक हो सकता है। रविंदर रैना की यह टिप्पणी इस बात का संकेत है कि भारत ने हमेशा पड़ोसी देशों के साथ सकारात्मक संबंधों की इच्छा व्यक्त की है, और अगर पाकिस्तान भी इस दिशा में कदम बढ़ाता है, तो यह एक नई शुरुआत का कारण बन सकता है।