लाइन आफ कंट्रोल पर किसी तरह की पक्की दीवार बनाने का सेना का कोई इरादा नहीं है। पाकिस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत पर दस फुट ऊंची दीवार बनाने के लगाए आरोपों को भ्रम फैलाने वाला है।
सेना की 16 कोर के जनरल आफिसर इन कमांडिंग (जीओसी) आरआर निंभोरकर ने पाक के आरोपों पर कहा कि सेना की ऐसी कोई योजना नहीं है। हमारे सैनिक ही दीवार हैं।
उन्होंने कहा कि एलओसी पर समय-समय पर कंटीले तारों के मैटेरियल में बदलाव किया जाता है। जैसे पहले लोहे की तार थे, जो बर्फ वगैरह में खराब हो जाते थे। इसे फाइबर में बदला गया।
एलओसी पर पावरफुल लाइटें लगाईं गईं
एलओसी पर पावरफुल लाइटें लगाईं गईं। लेकिन दीवार बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। पाक ने आरोप में कहा है कि भारत 197 किलोमीटर वर्किंग बाउंड्री पर दीवार बनाने की योजना बना रहा है।
जम्मू-कश्मीर में सामान्य हालात होने के बाद सेना के कार्यों पर राजनीतिक दबाव की चर्चाओं को नकारते हुए जीओसी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। सेना अपने तरीके से काम कर रही है।
जम्मू-कश्मीर में शांति बनाना सेना का मुख्य उद्देश्य है। उसमें हम अब तक पूरी तरह सफल रहे हैं। रियासत की सरकार भी चाहती है कि शांति हो, ताकि विकास कार्य हो सकें।
पीओके में चल रहे 37 आतंकी प्रशिक्षण केंद्र
एलओसी के उस पार आतंकियों की संख्या में अंतर पर जीओसी ने कहा कि यह तय है कि पीओके में 37 आतंकी प्रशिक्षण सक्रिय हैं। वहां आतंकियों को भारत विरोधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जहां तक संख्या में अंतर का सवाल है, इस काम में अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियां लगी हुईं हैं। वह अपनी रिपोर्ट अपने मुख्यालय में देती हैं। उनकी रिपोर्ट कम्पाइल होती है।
इसलिए अक्सर आतंकियों की संख्या में थोड़ा अंतर आ जाता है। लेकिन यह तय है कि बड़ी संख्या में आतंकी एलओसी के पार घुसपैठ के लिए बैठे हैं।