देशभर की तरह बुधवार को रियासत में चंद्र ग्रहण लगेगा। ग्रहण दोपहर 2:44 मिनट से शाम 6:04 मिनट तक रहेगा। जिन क्षेत्रों में चंद्रमा शाम 6:04 मिनट के बाद उदय होगा, वहां चंद्र ग्रहण का विशेष प्रभाव नहीं रहेगा। जम्मू में भी चंद्र उदय शाम 6:05 मिनट पर होगा।
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को खास परहेज करना पड़ता है। ग्रहण से नौ घंटे पहले मंदिरों के किवाड़ बंद हो जाएंगे। ग्रहण के दौरान दान पुण्य और बाद में स्नान का विशेष महत्व रहता है। यह इस साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। ग्रहण से पहले बुधवार सुबह ही दानपुण्य की तैयारियां शुरू हो जाएंगी।
हालांकि जम्मू में इसका विशेष प्रभाव नहीं रहेगा लेकिन अधिकांश लोग ग्रहण का पालन करेंगे। ग्रहण के दौरान मंत्र जाप पर जोर दिया जाएगा। इसमें अन्य कार्य न करने से परहेज किया जाता है। खासकर गर्भवती महिलाएं बिना खाए पीये कोई कार्य नहीं करती हैं।
ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के दौरान कोई भी प्रक्रिया करने से गर्भवती महिला के बच्चे पर उसका असर पड़ता है। बाबा लाल द्वार के पंडित राज भूषण का कहना है कि ग्रहण का जम्मू में विशेष प्रभाव नहीं रहेगा लेकिन ग्रहण में आस्था से जुड़ी मान्यताओं का पालन करने से विशेष फल मिलता है।
मंत्र जाप से कई गुणा फल बढ़ जाता है। ग्रहण के बाद ही मंदिरों के द्वार खोलकर विधिवत पूजा अर्चना की जाएगी। ग्रहण से नौ घंटे पहले ही मंदिर बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान देवी देवताओं की कोई पूजा अर्चना नहीं की जाएगी।