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एसआई इम्तियाज ने घर जाने के लिए बदला था अपना हुलिया, आतंकियों को नहीं दे सके चकमा

Mon, 29 Oct 2018 02:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
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एसआई इम्तियाज अहमद मीर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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आतंकियों के हमले के शिकार एसआई इम्तियाज अहमद मीर ने आतंकियों को चकमा देने के लिए अपना हुलिया बदल लिया था। उन्होंने अपनी दाढ़ी बनवा ली थी। मां-बाप से मिलने की प्रबल इच्छा के चलते उन्होंने ऐसा किया था ताकि आतंकी उन्हें पहचान न सकें।

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इम्तियाज के एक साथी ने बताया कि पुलवामा के सुदूरवर्ती गांव में उनके माता पिता रहते हैं। वह इकलौती संतान थे। पिछले कुछ समय से वह अपने माता पिता से मिले नहीं थे। इसी के चलते उन्होंने हुलिया बदलकर घर जाने की योजना बनाई। हाल ही में आतंकियों की ओर से सुरक्षाबलों के जवानों को निशाना बनाए जाने की घटना के बाद उन्हें गांव न जाने की चेतावनी दी गई थी। उनके सुपरवाइजिंग अफसर ने बताया कि उन्हें गांव जाने से मना किया था। बताया था कि आतंकी हमला कर सकते हैं। हालांकि, माता-पिता से मिलने की बेकरारी में वह रुके नहीं। वह मुस्कान लिए अपने निजी वाहन से घर के लिए निकले। कहा भी कि अब आतंकी पहचान नहीं सकेंगे। यह शायद उनके आखिरी शब्द थे।

2010 बैच के एसआई मीर एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी के बेटे थे। दक्षिण कश्मीर के गांदरबल में वह पांच साल तक तैनात थे। उनके सीनियर उन्हें एक समर्पित अधिकारी के रूप में याद करते हैं। 
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मीर के घर जाने की सूचना आतंकियों तक पहुंचाने का शक
पुलिस को शक है कि आतंकियों तक मीर के घर जाने की सूचना पहुंचाई गई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर आतंकियों तक यह जानकारी कैसे पहुंची कि मीर घर जा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि उनके घर जाने की सूचना आतंकियों तक पहुंच गई थी तभी आतंकी पहले से वहां मौजूद थे। उन्होंने कार का पीछा कर उनका अपहरण किया।

फिर हिंसा के दुष्चक्र के हुए शिकार : महबूबा
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर संवेदना जताई, उन्होंने लिखा- फिर युवा एसआई इम्तियाज मीर व राजनीतिक कार्यकर्ता मोहम्मद आमिन डार हिंसा के दुष्चक्र के शिकार हुए। हिंसा के इस कृत्य की निंदा करने के साथ ही अपनी पार्टी के कार्यकर्ता मोहम्मद आमिन डार व एसआई इम्तियाज मीर के परिवार वालों के प्रति संवेदना।

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