पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कश्मीर मुद्दे के एक फ्री की सलाह दे डाली है। इमरान ने कहा है कि कश्मीर विवाद को हल के लिए जनादेश का इस्तेमाल करने की अपील की। एक जनसभा को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि मोदी को जनादेश मिला है। उन्हें कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'मोदी को मेरा एक मुफ्त का मशविरा है। अगर यह ले लो तो फायदा होगा। आपको लोगों ने बहुमत दिया है। आप कुछ लोगों के लिए सीमा पर यह जो कर रहे हो(सीजफायर का आरोप लगाया) अगर आपकी बड़ी सोच होती तो कश्मीर का मसला हल करते। आपने कश्मीर में जो 7 लाख हिंदुस्तानी फौज रखी है, उसे वापस बुलाते।'
'सीमा पर ताकत दिखाने से थोड़ी देर तो कुछ लोग खुश हो जाएंगे लेकिन दुनिया के लीडर बनने का मौका आप गंवा दोगे। आपके मुल्क में भी गरीब और अमीरों का फर्क है। हमारे मुल्क में भी गरीब-अमीर का फर्क है। सीमा पर अमन रहता तो दोनों मुल्क हथियारों पर पैसा खर्च नहीं करते और गरीबों का भला होता।'
साथ ही इमरान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान भारतीय गोलीबारी से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं मोदी को पैगाम देना चाहता हूं कि आप सियालकोट के बॉर्डर पर जो अपनी ताकत दिखा रहे हो, अगर आपका ख्याल है कि पाकिस्तानी कौम खौफजदा हो जाएगी डर जाएगा तो गलतफहमी में न रहो। अब नया पाकिस्तान बनने जा रहा है, जिसे कोई शिकस्त नहीं दे सकता है।'
पाक UN को पत्र लिख भारत पर लगाया सीजफायर का आरोप
कश्मीर मुद्दे को विश्वपटल पर उठाने की अपनी कोशिश तेज करते हुए पाकिस्तान ने भारत से लगे एलओसी के करीब की सुरक्षा स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख को पत्र लिखा है। पाकिस्तान ने सीमा पर भारत और पाक के बीच चल रहे तनाव के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के हस्तक्षेप की मांग की है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून को लिखे एक पत्र में भारत पर जानबूझकर और बिना किसी उकसावे के पिछले एक सप्ताह से संघर्षविराम का उल्लंघन करने और सीमा पार से गोलीबारी करने का आरोप लगाया है।
सुरक्षा सलाहकार द्वारा लिखे गए पत्र को पाकिस्तान के विदेश विभाग ने आज जारी किया। इसमें कहा गया है, "मैं तत्काल आपका ध्यान पाकिस्तान और भारत के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब और इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के करीब सुरक्षा की लगातार गिरती हुई स्थिति की ओर दिलाना चाहता हूं।"
पत्र में लिखा गया है, 'जैसा कि आप अवगत हैं कश्मीर विवाद यूएन में एक लंबित मुद्दा रहा है, जिसका प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के लिए संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में जनमत संग्रह कराने का वादा करता है और यह अभी भी वैध है, क्योंकि आज तक यह लागू नहीं हुआ है।'
अजीज ने अपने पत्र में कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में टिकाऊ शांति और सुरक्षा के हित में संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को दशकों से इस बात की याद दिलाता रहा है।