शनिवार दोपहर से पाकिस्तान की ओर से शुरु हुई फायरिंग रविवार रात भर जारी रही। पाकिस्तान ने एलओसी और इंटरनेशनल बार्डर पर रात भर मोर्टार दागें हैं। पाक की ओर से की जा रही फायरिंग में आरनियां में दो लोगों के घायल होने की खबर आ रही है।
बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे जम्मू जिले के अरनिया और आरएसपुरा सेक्टरों की 15 सीमा चौकियों को निशाना बनाया और रात भर गोलीबारी की तथा गोलाबारी दागे। सुरक्षा से जुड़े कई जानकार बता रहे हैं कि पाकिस्तान दीवाली तक ऐसे हमले जारी रख सकता है।
9 दिन तक सीजफायर उल्लंघन के बाद गुरुवार से एलओसी पर शांति की स्थिति बनी हुई थी। लेकिन शनिवार दोपहर को पुंछ में फिर पाक ने फायरिंग शुरु कर दी। इसके बाद, शनिवार रात फायरिंग का दौर एक बार फिर शुरू हो गया जिसमें भारत की दर्जन भर पोस्ट्स को निशाना बनाया गया।
पाकिस्तान की ओर से की फायरिंग में अरनियां में दो लोग घायल हुए हैं। फायरिंग में घायल होने वालों में जबोवाल निवासी सुरजीत कमार और 50 बर्षीय सोमनाथ सिंह शामिल है। इन दोनों घायलों को अरनियां के स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
करवाचौथ पर लौटे लोग फंसे
जम्मू से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से दो दिनों से गोलाबारी न होने व शनिवार को करवाचौथ का पर्व होने के कुछ लोग अपने गांवों में वापस लौट गए थे।
पाकिस्तान ने शनिवार रात को अचानक भारतीय क्षेत्र को निशाना बनाते हुए गोलियां बरसानी शुरू कर दी। घरों को फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
पाकिस्तान की इस गोलीबारी में इन इलाकों में रहने वाले सौ से अधिक लोग फंस गए, जो गोलाबारी रुकने के बाद अपने घरों को लौट गए थे।
भारत पाक से लड़ रहा 'छोटे स्तर का युद्ध'
हालांकि पाकिस्तानी रेंजर्स के डीजी मेजर जनरल ताहिर जावेद खान ने लाहौर में कल पत्रकारों से कहाथा कि , 'भारत केवल सीजफायर का ही उल्लंघन नहीं कर रहा बल्कि पाकिस्तान के साथ एक 'छोटे स्तर का युद्ध' लड़ रहा है।'
पाकिस्तानी मेजर जनरल ने इसे भारत का पॉलिटिकल अजेंडा बताया है। मेजर जनरल ताहिर खान का दावा है कि भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने 2010 से 2014 के दौरान दोनों देशों के बीच एलओसी पर छोटे हथियारों का इस्तेमाल किया था।
मेजर खान ने कहा, 'पिछले चार सालों में भारत की ओर से 30,000 से भी ज्यादा मोर्टार शेल्स दागे गए। इतने तो 'पूर्ण स्तर के युद्ध' में भी नहीं दागे जाते।' उन्होंने कहा कि अकेले 6 अक्टूबर को भारत की ओर से 51,000 छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई। जबकि 7 अक्टूबर को 4000 से अधिक मोर्टार से गोले दागे गए।