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योजनाएं तय समय पर धरातल पर उतारें, बनाएं निगरानी तंत्र: उमर

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समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा- सरकार व्यापार के अनुकूल माहौल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध
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- भूमि उपयोग, श्रम सुधार, भवन विनियम, उपयोगिता अनुमति चसने 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्र चिन्हित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि योजनाएं तय समय पर धरातल पर उतारें। यह सुनिश्चित करने के लिए हर 15 दिन पर पड़ताल हो और इसके लिए निगरानी तंत्र बनाएं। उन्होंने कहा कि अफसर इसकी रिपोर्ट भी साझा करें। सीएम ने कहा कि सरकार व्यापार में अनुकूल माहौल को बढ़ावा देने के लिए बचनबद्ध है। साथ ही नियामक ढांचे को सुव्यस्थित किया जा रहा है।
बैठक अनावश्यक विनियमनों को खत्म करने, अनुपालन बोझ कम करने, विशेष रूप से एमएसएमई के लिए डिजिटलीकरण और एकल-खिड़की मंजूरी को बढ़ावा देने, व्यापार कानूनों को अपराधमुक्त करने पर केंद्रित रही।बैठक में श्रीनगर से अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। इस मौके पर अब्दुल्ला ने सभी अधिकारियों को कार्य योजनाओं को कम समय में पूरा करने के लिए कहा। जिन योजनाओं में समय-सीमा पांच से छह महीने है। इन्हें कम समय में कवर किया जाए।साथ ही हर पखवाड़े में काम पर नजर रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतिम कार्य योजनाओं को तुरंत एमआईएस पोर्टल पर अपलोड किया जाए। जवाबदेही के महत्व पर जोर देते हुए अब्दुल्ला ने एक समीक्षा तंत्र तैयार करने को कहा। जिसके तहत हर दो महीने में सुधारों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा।
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इससे पहले आयुक्त सचिव उद्योग और वाणिज्य विक्रमजीत सिंह ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के केंद्रीय सचिव की अध्यक्षता में गठित जम्मू-कश्मीर राज्य टास्क फोर्स के प्रयासों पर बैठक में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स ने भूमि उपयोग, श्रम सुधार, भवन विनियम, उपयोगिता अनुमति और व्यापक शासन प्रथाओं को कवर करते हुए 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र के लिए कार्य योजनाएं संबंधित विभागों के समन्वय में बनाई गई हैं।
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इन मसलों पर भी हुई चर्चा
बैठक में भूमि उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया का सरलीकरण और डिजिटलीकरण, अग्निशमन विभाग की मंजूरी और ग्रामीण उद्योगों के लिए सड़क की चौड़ाई के मानदंडों को बनाना, भूमि के नुकसान को कम करने के उद्देश्य से भवन उपनियम पर चर्चा हुई। बैठक में औद्योगिक संपदाओं की जीआईएस मैपिंग, भारत औद्योगिक भूमि बैंक (आईआईएलबी) के साथ उनके एकीकरण, महिलाओं के रात्रिकालीन रोजगार को सक्षम करने वाले श्रम सुधार के अलावा लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी मंथन हुआ। एकल खिड़की प्रणाली के तहत पानी और बिजली सेवाओं के एकीकरण और जेके एकल खिड़की पोर्टल को राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली (एनएसडब्लूएस) के साथ पूर्ण रूप से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।
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