जब तक केंद्र की मोदी सरकार पाकिस्तान के साथ अपने संबंध नहीं सुधारेगी तब तक जम्मू-कश्मीर राज्य में हलात ठीक नहीं हो सकते। यह कहना है राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी की राज्य अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती का। महबूबा मंगलवार को राजोरी दौरे के दौरान पीडीपी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मैं अपने देश के प्रधानमंत्री से अपील करना चाहती हूं कि अभी पाकिस्तान के जो नए प्रधानमंत्री बने हैं इमरान खान साहब उनसे मिल कर, जहां पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने बात छोड़ दी थी वहां से फिर से पाकिस्तान के साथ बात शुरू कर दी जाए। ताकि जम्मू-कश्मीर में यह जो अफरा तफरी का माहौल है यह खत्म हो जाए।
राज्य में खून खराबा बंद हो जाए, बेगुनाह लोगों के कत्ल बंद हो जाएं। महबूबा ने साफ साफ शब्दों में कहा कि जब तक हमारा देश व पाकिस्तान एक साथ नहीं होते तब तक हमारे राज्य से गरीबी व मुफलिसी नहीं जाएगी। दोनों देश अपना अधिक पैसा बंदूके, हथियर, गोला बारूद खरीदने में लगा देते हैं। यदि वहीं पैसा अस्पतालों में खर्च करें, गरीब बच्चों की पढ़ाई पर लगाएं तो यहां के बच्चों का भविष्य संवर जाए।
महबूबा ने कहा कि हमारे अस्पतालें में डॉक्टर नहीं हैं। स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। जो हाल पाकिस्तान में है वैसा ही हाल हमारे जम्मू-कश्मीर में है। महबूबा ने कहा कि पीडीपी का एजेंडा और मुफ्ती सईद का एजेंडा रास्ते खोलो, नौशेरा के जंगल खोलो, इस कश्मीर को उस कश्मीर के साथ मिलाओ। रास्तों के माध्यम से बातचीत करो, पाकिस्तन से भी और कश्मीर की जनता से भी, इसके बगैर कोई चारा नहीं है, पीडीपी का यही एजेंडा जम्मू-कश्मीर का आज है और जम्मू कश्मीर का कल होगा।
वहीं महबूबा ने जनता को पीडीपी के साथ जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि पीडीपी मात्र एक सियासी पार्टी नहीं है, बल्कि यह एक इतिहास है। पीडीपी मुफ्ती साहब की 50 साल की मेहनत का निचोड़ है। उन्होंने कहा कि मुफ्ती सईद ने भाजपा के साथ हाथ मिलाने का एक मात्र मकसद था जम्मू-कश्मीर की जनता की भलाई। भाजपा जैसी पार्टी के साथ जाने का फेसला केवल जनता के लिए किया गया था ताकि जम्मू-कश्मीर को इस मूसीबत से बचाया जा सके, लेकिन भाजपा ने हमारे साथ व राज्य की जनता के साथ धोखा किया है। जब तक हमारे साथ सत्ता में थे तब भी अड़चने पैदा करते रहते थे ताकि जम्मू-कश्मीर में तरक्की न हो सके।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ने 35-ए को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए जम्मू-कश्मीर से 35-ए और धारा 370 को नहीं हटाने दिया जाएगा। यह दोनों हमारे राज्य की अपनी एक अलग पहचान हैं और इस पहचान को बचाए रखने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। साफ-साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह टूटा तो जम्मू-कश्मीर राज्य के रिश्ते भारत देश के साथ खत्म हो जाएंगे।