कश्मीरी छात्रों को पाकिस्तान के संस्थानों में एमबीबीएस सीट देने की जांच से पता चलता है कि कुछ संगठनों ने छात्रों से धन जुटाए धन का इस्तेमाल केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादी संगठनों के वित्तपोषण में किया।
हुर्रियत कांफ्रेंस ने उन आरोपों से इनकार किया है कि संगठन के नेता कश्मीर में आतंकवाद का वित्तपोषण करने के लिए पाकिस्तान के मेडिकल कॉलेजों में सीट बेचने में संलिप्त थे।
विज्ञापन
मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाली हुर्रियत ने बयान जारी कर कहा कि हुर्रियत कांफ्रेंस इस दुष्प्रचार को पूरी तरह खारिज करती है कि उसका नेतृत्व पाकिस्तान के मेडिकल एवं प्रौद्योगिकी कॉलेजों में धन के लिए कश्मीरी छात्रों को सीट बेचता था। यह पूरी तरह निराधार है।
कहा कि इसकी पुष्टि उन छात्रों या अभिभावकों से की जा सकती है जिनकी उन्होंने अनुशंसा की है। उनमें से कई तो आर्थिक रूप से कमजोर तबके से हैं। ज्ञात हो कि अधिकारियों ने एक दिन पहले रविवार को कहा था कि हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों के खिलाफ अवैध गतिविधियां (निवारक) कानून के तहत प्रतिबंध लगाया जा सकता है।