जेल में शिफ्ट किए गए रोहिंग्या
- फोटो : अरुण खजूरिया
जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से बसे रोहिंग्याओं पर केंद्र सरकार के निर्देश पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन्हें जम्मू से हटाकर कठुआ के हीरानगर उप जेल में बने डिटेंशन सेंटर (होल्डिंग सेंटर) में रखा गया है। पहले चरण में चार बसों में लगभग 170 रोहिंग्याओं को जम्मू से हीरानगर भेजा गया। इससे पहले जम्मू के एमए स्टेडियम में 300 रोहिंग्याओं का वेरिफिकेशन व कोरोना टेस्ट किया गया। सांबा जिले के बाड़ी ब्राह्मणा के तेली बस्ती से भी 24 रोहिंग्याओं का एमए स्टेडियम में वेरिफिकेशन किया गया।
शनिवार को प्रशासन ने रोहिंग्याओं की बायोमीट्रिक और अन्य जानकारियों को जुटाने का काम शुरू किया। जम्मू के एमए स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा के बीच इनके वेरिफिकेशन का काम शुरू किया गया। इनका बायोमीट्रिक लेने के साथ ही परिवार में सदस्यों की संख्या, कब यहां आए, यहां रहने के लिए क्या-क्या दस्तावेज इनके पास हैं आदि की जानकारी जुटाई गई। सभी के फिंगर प्रिंट लिए गए। कोरोना जांच में दो रोहिंग्याओं के पीड़ित होने की पुष्टि के बाद उन्हें गांधीनगर अस्पताल भेजा गया। सभी के बायोमीट्रिक और अन्य जानकारियां लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस की बसों में रोहिंग्याओं को हीरानगर शिफ्ट करने की कवायद रात तक जारी रही।
अमर उजाला ने पहले ही वापसी का किया था खुलासा
प्रदेश में रोहिंग्याओं पर अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। बीते सप्ताह हीरानगर सब जेल को जहां खाली करते हुए सभी कैदियों को अन्य जेलों में शिफ्ट कर दिया गया था। अमर उजाला ने यह खुलासा किया था कि रोहिंग्याओं को वापस भेजे जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। हीरानगर जेल को रोहिंग्याओं के लिए डिटेंशन सेंटर बनाया जा रहा है। हीरानगर सब जेल में ही लगभग पांच सौ कैदियों को रखने की व्यवस्था है। ऐसे में साफ है कि पांच सौ के लगभग रोहिंग्याओं को इस डिटेंशन सेंटर में रखा जा सकता है।
हीरानगर जेल की सुरक्षा बढ़ाई
रोहिंग्याओं को डिटेंशन सेंटर में भेजे जाने के दौरान कठुआ जिले में सुरक्षा प्रबंध और भी बढ़ा दिए गए हैं। विभिन्न थानों में पुलिसकर्मियों की तैनाती को भी बढ़ा दिया गया है। हीरानगर सब जेल की सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है। वहीं एसएसपी कठुआ ने इस बारे में कुछ भी जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।
13600 विदेशी नागरिक रहते हैं जम्मू-कश्मीर में
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 6523 रोहिंग्या रहते हैं। इनमें 6461 जम्मू संभाग और 62 कश्मीर में हैं। लद्दाख में भी ये अस्थायी आशियाने बनाकर रह रहे हैं। हालांकि, 13600 विदेशी नागरिक जिसमें रोहिंग्या और बांग्लादेशी शामिल हैं, यहां रहते हैं। इनके अस्थायी ठिकाने जम्मू-कश्मीर के पांच जिलों जम्मू, सांबा, डोडा, पुंछ व अनंतनाग में हैं। जम्मू जिले में ही रोहिंग्याओं के 30 स्थानों पर ठिकाने हैं। मार्च 2017 में तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इनका डाटा बेस तैयार करने को कहा था। अब नए सिरे से इन्हें चिह्नित किया जा रहा है।