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जम्मू-कश्मीरः बैट हमले में जान गंवाने वाले पोर्टरों के परिवार को 16-16 लाख की मदद

Sun, 07 Mar 2021 01:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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पाकिस्तानी सेना के बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) हमले में पिछले साल जान गंवाने वाले सेना के तीन पोर्टरों के आश्रितों को 16-16 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की। साथ ही हमले में एक टांग गंवा चुके पोर्टर को सम्मानित किया गया।  

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नगर स्थित सेना के नाटो सभागार में सेना की पुंछ ब्रिगेड की तरफ से समारोह का आयोजन किया गया। इसमें जान गंवाने वाले पोर्टरों एंवं घायल पोर्टर के परिजनों, पंचायत प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया।

समारोह में ब्रिगेडियर पुनीत डोबाल एवं जिला विकास आयुक्त राहुल यादव ने जान गंवाने वाले पोर्टर मोहम्मद लतीफ की पत्नी सफीना बी को 16 लाख 38 हजार 525 रूपये, पोर्टर मोहम्मद असलम की पत्नी नसीम अख्तर को 16 लाख 38 हजार 525 रुपये, पोर्टर जफर इकबाल की मां फातिमा जान को 16 लाख 70 हजार 325 रुपये का चेक प्रदान किया, जबकि बैट हमले में एक टांग गंवाने वाले पोर्टर मोहम्मद शौकत को 12 लाख 16 हजार 188 रुपये का चेक दिया गया। 
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आज भी वह दिन याद कर दिल दहल जाता है
बैट हमले में टांग गंवाने वाले मोहम्मद शौकत का कहना है कि उस दिन को याद कर आज भी दहल जाता है। 10 जनवरी 2020 को सुबह दस बजे 10 पोर्टर सेना का सामान लेकर अग्रिम चौकी की तरफ जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में छुप कर बैठी पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम ने हमला कर दिया। आईईडी से किए विस्फोट में तीन पोर्टर की जान चली गई। इनमें से मोहम्मद असलम का सर काटकर साथ ले गए। शौकत ने कहा- हमले में मेरी बांईं टांग बुरी तरह जख्मी हो गई। सेना ने पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच हमें वहां से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। सेना उस दिन से हमारी सहायता कर रही है, इसके लिए हम सेना के आभारी हैं। 

संघर्ष विराम समझौता पाकिस्तान की साजिश
मौहम्मद शौकत ने संघर्ष विराम समझौते को भी पाकिस्तानी सेना की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना का कोई ईमान नहीं है। वह बुजदिल है। नियंत्रण रेखा पर निहत्थे और असहाय लोगों और सैन्य जवानों पर छिप कर हमले करवाती है। शौकत ने कहा, जिस पोर्टर असलम का सिर काटकर बैट टीम ले गई, वह उनका साला था। उस घटना को याद कर आज भी दिल दहल उठता है। बैट टीम ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं।

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