बाढ़ के बाद संभाग में सैकड़ों सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं। सौ के करीब सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह से ठप है। मूसलाधार बारिश और बाढ़ से संभाग को जोड़ने वाली सड़कों के ढांचे को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इसमें जिला पुंछ, रियासी, राजोरी, उधमपुर और डोडा ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
दर्जनों सड़कों के बहाल न होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन पटरी पर लाने की जद्दोजहद जारी है। आरएंडबी के चीफ इंजीनियर अब्दुल हमीद शेख का कहना है कि सड़कों के अस्थायी ढांचे को बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है।
लेकिन कई इलाकों में क्षतिग्रस्त सड़कों के नीचे जमीन धंस गई या बह गई है, जिससे वहां अस्थायी ढांचा तैयार करना भी चुनौती बना है। बाढ़ और बारिश से जम्मू संभाग में कुल 3517 सड़कों (करीब दस हजार किलोमीटर) में से 2551 को नुकसान पहुंचा था।
बाढ़ के बाद कड़ी कसरत से अब तक 2065 से ज्यादा सड़कों को अस्थायी तौर पर बहाल कर दिया गया है। लेकिन अभी भी 98 सड़कें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। विभागीय आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो अभी जिला पुंछ में 25, राजोरी में 14, रियासी में 17, डोडा में 26, कठुआ में 5 और उधमपुर में भी कई सड़कें अभी बहाल नहीं हो पाई हैं।
संभाग के दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्र की सड़कों को सबसे ज्यादा क्षति पहुंची है। जिला मुख्यालय से अभी भी बड़ी संख्या सड़कों का संपर्क कटा होने से जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित क्षेत्रों में पूरी तरह से नहीं हो पा रही है।