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जम्मू में भीषण गर्मी का प्रकोप, हीट स्ट्रोक से 6 बच्चे बेहोश

Tue, 16 May 2017 12:44 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी
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गर्मी से जनजीवन बेहाल - फोटो : File Photo
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पारा चालीस डिग्री के पार चले जाने से गर्मी ने प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को जानीपुर के इंदिरा पब्लिक स्कूल में एक साथ छह बच्चों के चक्कर खाकर बेहोश हो जाने पर अफरातफरी मच गई। स्कूल के दूसरी मंजिल पर स्थित पांचवीं और छठी कक्षा में यह घटना घटी।
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आननफानन में सभी बच्चों को पहले सरवाल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से शहर के प्रमुख एसएमजीएस अस्पताल में शिफ्ट किया गया। देर शाम तक सभी बच्चों का इलाज चल रहा था। इनमें पांच छात्राएं और एक छात्र शामिल है। भाई-बहन भी इसमें शामिल हैं। डाक्टरों के अनुसार अधिक गर्मी और तपिश के चलते हीट स्ट्रोक से बच्चे बेहोश हुए हैं। 

स्कूल की दूसरी मंजिल पर स्थित पांचवीं और छठी कक्षा में सोमवार सुबह 10.30 बजे के करीब कुछ बच्चों ने लंच किया। इसके बाद कुछ बच्चों को चक्कर आने की समस्या हुई। यह समस्या सबसे पहले पांचवीं कक्षा की छात्रा मिशी खान और नायसा को हुई। उन्होंने बताया कि गर्मी लग रही थी तभी अचानक उन्हें चक्कर आने लगा और वे बेहोश हो गईं। दोनों बच्चियों को नीचे लाते समय अन्य कुछ विद्यार्थियों में भी यह शिकायत हुई। पांचवीं कक्षा की छात्रा मुस्कान ने बताया कि उसे अचानक चक्कर आ गया और वह वहीं बैठ गई। 
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सभी एसएमजीएस में इलाज के लिए भर्ती

अस्पताल में इलाज जारी - फोटो : डेमो पिक
छठी कक्षा की कोमल गुप्ता ने बताया कि सुबह लंच करने के साथ अचानक चक्कर आ गया। कोमल का भाई छात्र कर्ण भी बेहोश हो गया। बेहोश होने वालों में छठी कक्षा की आसाकती भी शामिल थी। हालांकि कुछ विद्यार्थी बोल रहे थे कि घटना के समय बिजली बंद थी।

अभिभावकों ने रोष जताया कि स्कूल में इंवर्टर की सुविधा नहीं थी। हो सकता है कि अधिक तपिश वाले वातावरण में बच्चों की ऐसी हालत हुई। कुछ कह रहे थे कि कक्षाओं में हवा के उचित इंतजाम नहीं हैं। स्कूल में एक साथ कई बच्चों के बेहोश होने की सूचना पाकर बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल में पहुंचे।

घटना के बाद स्कूल प्रशासन की ओर से स्कूल में छुट्टी कर दी गई, लेकिन काफी देर तक स्कूल में अभिभावकों में अफरातफरी का माहौल रहा। बच्चों का कुशल जानने के लिए रिश्तेदार भी पहुंच गए थे। अपने लाडलों को सामने देखकर अभिभावकों को राहत मिली। इसी तरह एसएमजीएस के इमरजेंसी वार्ड 18 में भी अभिभावकों का जमघट लगा रहा। सभी बच्चों को ग्लूकोज लगाकर अन्य चिकित्सा दी गई। 
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