फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सात माह से कंसलटेंट रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। शहर के प्रमुख जच्चा-बच्चा अस्पताल एसएमजीएस की ओपीडी में पिछले सात माह से कंसलटेंट रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली होने से मरीज दरबदर हो रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी तरह ओपीडी के गायनी मरीजों को एडजेस्ट किया जा रहा है, लेकिन इससे अव्यवस्था का आलम है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई रेडियोलॉजिस्ट के तबादले कर उन्हें रिक्त स्थानों पर भेजा गया, लेकिन एसएमजीएस पर किसी का ध्यान केंद्रित नहीं हुआ है।
विज्ञापन

एसएमजीएस की ओपीडी में सात माह पहले कंसलटेंट रेडियोलॉजिस्ट का तबादला कर उन्हें डोडा मेडिकल कालेज भेजा गया था, जिसके बाद से यह पद खाली पड़ा है। इसके बारे में विभागीय उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत भी कराया गया है, लेकिन कुछ नहीं हो पाया है। मौजूदा कोविड संकट के बीच एसएमजीएस की ओपीडी में प्रतिदिन 100-150 गायनी मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से अधिकतर को अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है। ओपीडी में कंसलटेंट रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण ऐसे मरीजों को इमरजेंसी के अल्ट्रासाउंड में भेजा जा रहा है, यहां पहले से ही लेबर रूम के मरीजों की भीड़ होती है। इस सारी व्यवस्था के बीच अल्ट्रासाउंड सेंटर में सामाजिक दूरी का कोई पालन नहीं हो रहा है। इसमें लेबर रूम और ओपीडी दोनों के ही मरीजों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। एसएमजीएस के लेबर रूम में प्रतिदिन 40-50 या इससे अधिक प्रसव के मामले आ रहे हैं, जिसमें अधिकतर मरीजों को अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है। ओपीडी में कंसलटेंट रेडियोलॉजिस्ट का पद लंबे समय से खाली होने के कारण गायनी के मरीजों की दिक्कतें बढ़ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें