सोमवार को समाज सेवी संगठन डोगरा फाइटर्स के कार्यकर्ताओं ने उप जिला अस्पताल और एसडीएम के दफ्तर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों का बुरा हाल है और उनके देखरेख के लिए आने वाले तीमारदार भी बीमार होने लगे हैं।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सरकार से फौरन अस्पताल में खाली पडे़ डाक्टरों के पद भरने और वहां फैली अव्यवस्था को दूर करने की मांग की। बाद में एसडीएम द्वारा समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना-प्रदर्शन खत्म किया।
डोगरा फाइटर्स फोरम के दर्जनों सदस्यों ने सोमवार को अपने प्रधान नरेश सिंह के नेतृृत्व में उप जिला अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संस्था की ओर से नरेश सिंह ने बताया कि एक तो पहले से ही उप जिला अस्पताल डाक्टरों की कमी से जूझ रहा है, उस पर स्वास्थ्य विभाग ने यहां से फि जीशियन और सिविल सर्जन डाक्टर को स्थानांतरित कर लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है।
उन्होंने बताया कि इलाके के लोग डाक्टरों की कमी को दूर करने के लिए पहले से ही सरकार और स्वास्थ्य विभाग से संपर्क बनाए हुए हैं। एक सोची समझी साजिश के तहत बिलावर तहसील के लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग की लापरवाही के कारण बिलावर का उप जिला अस्पताल महज एक रेफर अस्पताल बन कर रह गया है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल के वार्डों और शौचालयों में फैली गंदगी की वजह से बीमार तो बीमार तीमारदार भी बीमार पड़ जाता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन तेज कर देंगे।