सुरक्षा बलों ने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए मददगारों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से असाल्ट राइफल के कारतूस, डेटोनेटर और पोस्टर जब्त किए हैं। इस मामले में चरार-ए-शरीफ थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
सुरक्षा बलों को पुख्ता इनपुट मिले थे कि इलाके में हिजबुल का मॉड्यूल सक्रिय है। इसमें तीन मददगार प्रमुख रूप से आतंकियों की मदद कर रहे हैं। इसके बाद सोमवार को 53 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ की 181वीं बटालियन ने पुलिस के साथ नाका लगाकर जांच शुरू कर दी।
इस दौरान उसने आतंकियों के तीन स्थानीय मददगारों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी शिनाख्त स्थानीय निवासियों मेहराजुद्दीन, ताहिर कुमार और साहिल हुर्रा के रूप में हुई है। ये क्रमश: पखेरपोरा और तिलसराह के रहने वाले हैं।
मददगारों के पास से एके 47 राइफल के 20 कारतूस, दो डेटोनेटर व आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के 15 पोस्टर मिले। पुलिस ने बताया कि पिछले तीन माह से सक्रिय आतंकियों के मददगारों का यह समूह दहशतगर्दों को रसद पहुंचाने के साथ उन्हें आश्रय भी प्रदान करता था।