श्रीनगर। घाटी के सबसे दुर्दांत हिजबुल के टाप कमांडर आतंकी अब्दुल कयूम नजर उर्फ जानसाहिब उर्फ इशफाक को सुरक्षाबलों ने उत्तरी कश्मीर में एलओसी पर उड़ी सेक्टर में मुठभेड़ में मार गिराया। वह पाकिस्तान से इस ओर घुसपैठ की कोशिश कर रहा था।
एसएसपी बारामुला इम्तियाज हुसैन ने बताया कि मंगलवार सुबह एलओसी पर तैनात जवानों ने उड़ी सेक्टर के लच्छीपोरा इलाके में संदिग्ध हलचल देखी। पाया कि एक आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। उसने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे ढेर कर दिया गया। उसकी शिनाख्त बारामुला जिले के सोपोर के मुमकाक निवासी अब्दुल कयूम नजर के रूप में हुई है।
1999 से सक्रिय था आतंकी गतिविधियों में
घाटी में टाप कमांडरों के मारे जाने के बाद फिर से संगठन को खड़ा करने के लिए उसे कश्मीर में कमांडर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उस पर 50 से ज्यादा हत्याओं का आरोप था। मारे गए आतंकी पर 10 लाख रुपये का इनाम था। मारे गए आतंकी से एक एके 47 रायफल, चार मैगजीन, एक चाइनीज पिस्टल, छह पिस्टल मैगजीन, मैट्रिक्स शीट, आईईडी, एक जीपीएस, गोलियां, ड्राई फ्रूट्स, पाक निर्मित सामग्री तथा भारतीय और पाकिस्तानी करेंसी बरामद हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है।
एसएसपी के अनुसार नजर घाटी में हिजबुल की बागडोर संभालने के लिए आ रहा था तभी सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया। हाल के दिनों में सुरक्षा बलों की ओर से संगठन के टाप कमांडरों के मारे जाने के बाद उसे घाटी में दोबारा से संगठन को मजबूत करने के लिए भेजा गया था। वह सोपोर के हाइगाम इलाके में पुलिसकर्मी की हत्या सहित 50 से अधिक हत्याओं में शामिल था।
वह 1999 से आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। हिज्ब कमांडर अब्दुल मजीद डार के मारे जाने के बाद नजर ने आतंक की राह पकड़ी थी। इसके बाद उसने ताबड़तोड़ एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम दिया। वर्ष 2015 में उसे पीओके के बेस कैंप में बुला लिया गया था।