फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर में रोहिंग्याओं के समर्थन में आया हिजबुल मुजाहिद्दीन

Mon, 17 Apr 2017 06:53 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
विज्ञापन
रोहिंग्याओं के समर्थन में आया आतंकी संगठन हिजबुल - फोटो : डेमो फोटो
विज्ञापन
आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन रोहिंग्याओं के समर्थन में खुलकर आ गया है। इसका खुलासा हिज्ब कमांडर जाकिर मूसा की ओर से जारी नए वीडियो में हुआ है। इस वीडियो में चेतावनी दी गई है कि यदि जम्मू में रोहिंग्याओं को प्रताड़ित करना बंद नहीं किया गया तो पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों को भी कश्मीर से बाहर निकाल दिया जाएगा।
विज्ञापन


इसके साथ ही पीडीपी के साथ काम करने वालों तथा पत्थरबाजों की सुरक्षा बलों को सूचनाएं देने वालों को धमकी दी गई है। वीडियो में कहा गया है कि चुनाव का बहिष्कार कर लोगों ने यह जता दिया है कि वे जम्हूरियत के साथ नहीं हैं। वे कश्मीर में शरीयत चाहते हैं जो जल्द कायम होगी।

वीडियो में कहा गया है कि म्यांमार से आए रोहिंग्याओं को जम्मू में सताया जा रहा है। सरकार को चेतावनी दी गई है कि यदि रोहिंग्याओं को सताना बंद नहीं किया गया तो कश्मीर में पाकिस्तान से आए हिंदू रिफ्यूजियों को घसीटकर बाहर कर दिया जाएगा। रोहिंग्या मुसलमानों को हाथ न लगाया जाए वरना अंजाम बुरा होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

हिजबुल ने जारी किया है वीडियो

हिजबुल ने जारी किया है वीडियो - फोटो : डेमो फोटो
वीडियो में सुरक्षाबलों के लिए कथित तौर पर काम करने वाले एक मुखबिर का इकबालनामा है। दावा किया गया है कि नवाज अहमद गनई नाम का यह शख्स कुलगाम के कामराजपोरा का रहने वाला है। यह पुलिस के लिए मुखबिरी करता है। हिज़्ब कमांडर जाकिर मूसा की मुखबिरी के लिए दस हजार रुपये और नौकरी का भरोसा दिया गया था।

उसके साथ दो और लोग गुलजार अहमद गनई और अब्दुल अहमद गनई भी सुरक्षाबलों की मदद करते हैं। हिज़्ब ने वीडियो में दावा किया कि सबूतों के बावजूद भी इन लोगों को सुधरने का मौका दिया जा रहा है। इसके बाद भी नहीं सुधरे तो अंजाम भुगतना होगा। वीडियो के आखिर में चोगम कुलगाम के रहने वाले मोहम्मद यूसुफ पर्रे का कबूलनामा है।

उस पर पीडीपी के साथ काम करने और पत्थरबाजों की सुरक्षाबलों को जानकारी देने का आरोप लगाया गया है। उसने न सिर्फ पीडीपी से अपने को अलग करने की बात कही है, बल्कि पत्थरबाजों की सूचनाएं देने वालों को मुखबिरों जैसी सजा देने की बात भी कर रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें