जम्मू-कश्मीर का बेटा हिलाल अहमद राथर फ्रांस से राफेल लेकर भारत आ रहा है। आतंकवाद प्रभावित दक्षिणी कश्मीर में अनंतनाग के बख्शियाबाद सादिकाबाद के रहने वाले हिलाल की राफेल डील में भी अहम भूमिका रही है।
हिलाल अहमद के राफेल लेकर भारत आने की सूचना से अनंतनाग समेत पूरे जम्मू-कश्मीर का सीना फख्र से चौड़ा हो गया है। उनके क्षेत्र के युवाओं का कहना है कि हिलाल सभी के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। 17 दिसंबर, 1988 को कमीशन हासिल करने वाले हिलाल ने अपनी शिक्षा सैनिक स्कूल से पूरी की। 17 दिसंबर, 1993 को वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 16 दिसंबर, 2004 को विंग कमांडर, एक मई, 2010 को ग्रुप कैप्टन तथा 26 दिसंबर, 2016 को एयर कोमोडोर बने। एयर कोमोडोर रहते हुए वह राफेल डील की बातचीत में भी शामिल हुए। हिलाल के पास 3000 से अधिक घंटे का बिना किसी दुर्घटना के मिग 21 तथा किरण एयरक्राफ्ट उड़ाने का अनुभव है। वह दो साल से पेरिस में तैनात हैं।
हिलाल को मिल चुका है वायुसेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल
हिलाल को विंग कमांडर रहते हुए 2010 में वायुसेना मेडल तथा ग्रुप कैप्टन के पद पर तैनाती के दौरान 2016 में विशिष्ट सेवा मेडल मिल चुका है। इस समय वह देश के सबसे बेहतरीन फाइटर पायलटों में से एक हैं।
घर में कोई हलचल नहीं, मोहल्ले के युवा बोले-अनंतनाग, कश्मीर ही नहीं बल्कि पूरे देश को गर्व
बेटे के राफेल उड़ाकर भारत लाने की खबर के बाद भी सादियाबाद में उनके घर पर कोई हलचल नहीं थी। घर में मौजूद महिला ने बात करने से इनकार कर दिया। हालांकि, मोहल्ले केे युवाओं ने खुशी का इजहार किया। मोहल्ले के जुनैद अहमद तथा फैयाज अहमद ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया से इस बारे में जानकारी हुई। यह अनंतनाग, कश्मीर ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है कि जम्मू-कश्मीर का बेटा राफेल लेकर भारत आ रहा है। कभी उनकी मुलाकात हिलाल से नहीं हुई लेकिन इतना जरूर है कि वे युवाओं के लिए प्रेरणा साबित होंगे।
कश्मीर की दो महिलाएं भी कर चुकी हैं नाम
इससे पहले कश्मीरी महिला पायलट बारामुला की इरन हबीब बनी थीं। इरन ने 2018 में गो एयर को ज्वाइन किया था। उन्होंने देहरादून से फारेस्ट्री में बैचलर तथा कश्मीर के शेर-ए-कश्मीर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से पीजी किया है। 2016 में उन्होंने यूएसए के फ्लाइट स्कूल से अपनी ट्रेनिंग पूरी की थी। इसके साथ ही 21 साल की आईना अजीज भारत की सबसे युवा स्टूडेंट पायलट के रूप में चुनी गई थीं।