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हिजबुल के नए आतंकियों के पास हथियारों और पैसों का टोटा, आकाओं ने सुरक्षाकर्मियों से छीनने को कहा

Tue, 12 Jun 2018 11:45 PM IST
अजय मीनिया, जम्मू
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हिजबुल मुजाहिद्दीन - फोटो : SELF
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आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन हथियारों और पैसों की कमी से जूझ रहा है। कश्मीर के स्थानीय युवाओं को बहला फुसला कर हिजबुल ने भर्ती तो कर लिया, लेकिन अब उन्हें न तो हथियार और न ही वित्तीय मदद दे पा रहा है। यही कारण है कि कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों से आतंकियों द्वारा हथियार छीनने की घटनाएं बढ़ी हैं। 
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खुफिया एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में कई जगहों पर ऐसी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। जिन इलाकों में 90 के दशक में आतंकवाद चरम पर रहा है, वहां पुलिस कर्मियों से हथियार छीनने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। 

कश्मीर में सबसे अधिक सक्रिय आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन को सीमा पार से हथियार नहीं मिल पा रहे है। स्थानीय स्तर पर भी हथियार नहीं मिल रहे हैं। इसलिए पुंछ, राजोरी, उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़, रामबन, रियासी जैसे जिलों में आतंकी हथियार लूटने की प्लानिंग कर रहे हैं। हिजबुल के चीफ जीनत उल इस्लाम ने युवा आतंकियों को इसकी ट्रेनिंग भी दी है। 
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70 से अधिक युवा हिजबुल में भर्ती

burhan wani
खुफिया एजेंसियों के इनपुट कहते हैं कि पिछले डेढ़ साल में कश्मीर के 70 से अधिक युवा हिजबुल में शामिल हुए हैं। बुरहान वानी की मौत के बाद हिजबुल में जाने वाले स्थानीय युवाओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इन युवा आतंकियों को देने के लिए हिजबुल के पास हथियार नहीं है। इसलिए जीनत उल इस्लाम ने आतंकियों से कहा है कि वह अपने लिए हथियारों का बंदोबस्त खुद ही करें। 

 

कम हो गई फंडिंग

KASHMIR - फोटो : ANI
सूत्रों का कहना है कि हिजबुल के पास पैसों के भी लाले पड़ गए हैं। हवाला के जरिए होने वाली फंडिंग काफी हद तक कम हो चुकी है। इसलिए घाटी में एटीएम और बैंक लूटने की घटनाओं में भी इजाफा हो सकता है। 

 
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सरहद पर शिकंजा काम आया

jammu kashmir police
नियंत्रण रेखा पर सेना की सतर्कता और भीतर एनआईए सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी कार्रवाई से आतंकियों को होने वाली हथियारों और पैसों की सप्लाई पर लगाम लगी है। आतंकियों के फंड जेनरेट करने वाले अलगाववादियों पर भी शिकंजा कसा गया है। इससे आतंकियों के हथियारों की सप्लाई और पैसों के नेटवर्क की कमर टूटी है।
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