सुबह से लेकर शाम तक आतंकी निशाने पर आए जम्मू-नई दिल्ली हाईवे की आपाधापी लगातार दूसरे दिन थमी रही।
हाईवे का यातायात न सिर्फ ठप रहा, बल्कि सड़क पर पसरा सन्नाटा दहशत को भी बढ़ाता रहा। रियासत के प्रवेशद्वार से लेकर लोंडी मोड़ तक जिले के अधीन आने वाले हाईवे की जगह-जगह नाकेबंदी से अंतर्राज्यीय रूट के वाहनों से लेकर स्थानीय रूट के वाहनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा।
वहीं, लगातार दूसरे दिन हाईवे ठप रहने से राज्य में दाखिल होने वाले स्थानों पर वाहनों की कतार लगी रहीं। पुलिस विभाग ने शनिवार को सांबा में आतंकी हमले की जानकारी मिलते ही सुबह हाईवे की आवाजाही रुकवा दी।
इसे देर शाम करीब साढ़े पांच बजे खोल दिया गया। लखनपुर से माधोपुर तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही, तो वैकल्पिक प्रवेश द्वार नगरी के पास भी वाहनों की कतार का सिलसिला दिनभर जारी रहा।
इसी तरह से आतंकी हमले के तुरंत बाद सील किए गए हाईवे की वजह से गोल्डन गेट्स, कालीबड़ी, पल्ली मोड़ और राजबाग में वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
राज्य की लाइफलाइन नेशनल हाईवे पर रोजाना औसतन बारह से तेरह हजार वाहनों की आवाजाही होती है। दो दिन से वाहनों की रेलमपेल लगभग पूरी तरह से ठप रही। इस बीच स्थानीय रूट के वाहन भी जब हाईवे पर उतरे, तो उन्हें भी तलाशी और रोक-टोक का सामना करना पड़ा।