जेलों में बंद कैदियों और स्टाफ के कोरोना टेस्ट करने में तेजी लाने का आदेश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को प्रभावी बनाने संबंधी उच्च स्तरीय कमेटी की 11वीं बैठक में कमेटी के चेयरमैन जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने इस पर जोर दिया। मागरे ने जोर देकर कहा कि जिन कैदियों पर संगीन जुर्म न हों, उनको रिहा किया जाए। बैठक में गृह विभाग के सचिव शालीन काबरा, जेल विभाग के डीजीपी बी श्रीनिवासन समेत अन्य उच्च अधिकारी मौजूद रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने 23 मार्च 2020 और 7 मई 2021 को आदेश दिया था कि जेलों से कैदियों की संख्या को कम किया जाए। इस आदेश को प्रभावी बनाने के लिए कमेटी गठित की गई थी। बैठक में कोविड को लेकर जेल विभाग द्वारा किए गए प्रबंधों की भी प्रशंसा की गई।
कैदियों को 90 दिन की अंतरिम जमानत देने के मामले पर भी चर्चा की गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि जिन कैदियों को 2020 में छोड़ा गया था। उन्हें फिर से 90 दिन के लिए छोड़ा जाएगा। उन कैदियों की जानकारी जुटाने को भी कहा, जिनको छोड़ा जा सकता है। एक हफ्ते के भीतर इसकी सूची तैयार की जाएगी। इसके अलावा जेल में सोशल डिस्टेसिंग और पूरी एहतियात बरतने का आदेश भी दिया गया।
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