विधान परिषद में सदस्यों को नामित करने की प्रक्रिया पर उठे सवाल के संबंध में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आठ नामित एमएलसी और अन्य को नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस ताशी राबस्तन ने राज्यपाल के सचिव, न्याय, कानून व संसदीय मामलों के विभाग के सचिव, विधान परिषद के सचिव, एमएलसी जफर इकबाल मन्हास, अशोक खजूरिया, विक्रमादित्य सिंह, रमेश अरोड़ा, सैफुद्दीन भट, अजातशत्रु सिंह, मोहम्मद खुर्शीद आलम और सुरिंदर मोहन अंबरदार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है। साथ ही मामले को जल्द सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।
याचिकाकर्ता व पूर्व एमएसली सीएल धीमान ने राज्यपाल के सचिव को एमएलसी की नियुक्ति में आरक्षण के संबंध में अपना दावा रखा था, लेकिन पार्टी लाइन पर आठ एमएलसी की नियुक्ति कर दी।
उनके द्वारा दायर आरटीआई में कहा गया कि पिछड़े वर्ग को आरक्षण के मामले में अनदेखा किया गया। उन्होंने कोर्ट से अपील की कि पिछड़े वर्ग को भी आरक्षण के तहत विधान परिषद में स्थान दिलाया जाए।