हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एन पाल वंसथाकुमार, न्यायाधीश धीरज सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बंसी लाल भट की फुल बेंच ने 15 साल पुरानी याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्यपाल के आदेश के बिना न्यायिक अफसर की 58 साल की उम्र में समय पूर्व सेवानिवृत्ति वैध है।
उक्त आदेश सिंगल जज द्वारा दिए फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर दिया गया। जनकार सिंह चीमा ने 58 साल की उम्र में एडिश्नल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज के रूप में अपनी सेवानिवृत्ति पर सवाल उठाए थे।
इस कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से दो मार्च 1996 को पारित फैसले पर चीमा ने सवाल उठाए थे। 17 मई 2001 को रिट कोर्ट ने अपने आदेश में रिट याचिका को स्वीकृति दे दी।
साथ ही निर्देश दिए कि राज्य के राज्यपाल से आग्रह कर याचिकाकर्ता की सेवानिवृत्ति के आदेश जारी कराए जाएं। इसके अलावा याचिकाकर्ता वेतन, भत्ते और अन्य लाभ पाने का हकदार है। कोर्ट के आदेश से व्यथित रजिस्ट्रार जनरल ने यह अपील दायर की थी।